मध्य प्रदेश के समस्त कृषि कॉलेजों के आंदोलनकारी छात्रों की कृषि मंत्री सचिन यादव के साथ सकारात्मक बैठक संपन्न हुई

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मध्य प्रदेश के आंदोलनरत कृषि छात्रों को आज मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट कृषि मंत्री सचिन यादव ने अपने निवास बोरावा जिला खरगोन में आमंत्रित किया. आज कृषि मंत्री के पिताजी स्वर्गीय श्री सुभाष यादव जी की छठी पुण्यतिथि थी. इस मौके पर एक आयोजन किया गया था और आयोजन में मध्य प्रदेश के 15 शासकीय कृषि कॉलेजों में आंदोलन कर रहे समस्त छात्रों को आमंत्रित किया गया.

इस अवसर पर इंदौर के प्रमुख आंदोलनकारी राधे जाट ने मंत्री जी को बताया की राज्य सरकार को गुजरात हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए निजी कृषि कॉलेजों के स्टूडेंट्स को एमएससी एग्रीकल्चर में एडमिशन नहीं देना चाहिए, उन्होंने आईसीआर के नियमों का भी हवाला दिया इसके बाद इंदौर के छात्र रोहित करोरे ने मंत्री जी को मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में हुए निजी करण के बारे में जानकारी दी.

इसके बाद इंदौर कृषि महाविद्यालय के श्री नीरज राठौर ने मंत्री जी को बताया कि इस मामले की प्रधानमंत्री जी को भी शिकायत की गई थी लेकिन जब शिकायत निराकरण के लिए प्रमुख सचिव कृषि के पास आई तो अधिकारियों ने कोई सहयोग नहीं किया एवं किसी भी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की,उल्टा एग्रीकल्चर कॉलेज के स्टूडेंट्स को ही गलत बताने लगे.

इसके बाद खंडवा एग्रीकल्चर कॉलेज के स्टूडेंट धर्मपाल सिंह राजपूत शुभम सांवले,सागर पाटील, गजेंद्र मालवीय एवं हेमंत यादव ने बताया की कृषि विभाग में लंबे समय से वैकेंसी नहीं निकली है पूरे मध्यप्रदेश में लगभग 5000 वैकेंसीया खाली पड़ी हुई है इन रिक्त पदों पर भर्ती की जाए. इसके बाद मंदसौर एग्रीकल्चर कॉलेज के तोरण सिंह दांगी, अंकित भार्गव एवं अंशुल कुमावत ने बताया की मंदसौर उद्यानिकी महाविद्यालय से उद्यानिकी में स्नातक कर चुके छात्रों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा रोजगार में भेदभाव किया जा रहा है, बीएससी उद्यानिकी पाठ्यक्रम को बीएससी कृषि के समकक्ष ना बताते हुए उन्हें कई अवसरों से वंचित कर दिया गया. इसके बाद जबलपुर एग्रीकल्चर कॉलेज के राजेंद्र पटेल, बाबू शर्मा, ईश्वर मंडलोई ने बताया की आईसीएआर के नियमों का मध्यप्रदेश में किसी भी निजी कृषि कालेज द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है,आईसीएआर के नियमों एवं गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही है,जो कि गलत है.

इसके बाद कृषि महाविद्यालय ग्वालियर के सुनील उपाध्याय एवं महेश पटेल ने मंत्री जी को बताया, मध्यप्रदेश में एग्रीकल्चर काउंसिल का गठन होना चाहिए जिसकी जिम्मेदारी कृषि शिक्षा की गुणवत्ता को कंट्रोल करना हो, अभी मध्यप्रदेश में कृषि शिक्षा का पूरी तरह सत्यानाश हो चुका है.

इसके बाद सीहोर कृषि महाविद्यालय के रोहित पटेल ने कहा की कि 12 तारीख को दोनों विश्वविद्यालयों की एमएससी एग्रीकल्चर की प्रवेश परीक्षा है राज्य सरकार को निजी कृषि महाविद्यालय के छात्रों को दोनों शासकीय कृषि विश्वविद्यालय में प्रवेश से रोकने के लिए तुरंत निर्णय लेना चाहिए देरी नहीं करना चाहिए ताकि निजी कृषि कॉलेज के फर्जी छात्र आगे किसी तरह की कोई कार्रवाई न कर सके.

इसके अलावा टीकमगढ़ कृषि महाविद्यालय, गंजबासौदा कृषि महाविद्यालय, पवारखेड़ा कृषि महाविद्यालय, खुरई कृषि महाविद्यालय,छिंदवाड़ा कृषि महाविद्यालय, रीवा कृषि महाविद्यालय,बालाघाट कृषि महाविद्यालय, वारासिवनी कृषि महाविद्यालय के छात्रों द्वारा भी अपनी मांगे रखी गई जिसमें मंत्री जी ने सभी छात्रों की मांगों को ध्यान से सुना एवं उन्हें 2 दिन का समय मांगा. मंत्री जी का रवैया बेहद सकारात्मक था उन्होंने कहा कि आप मुझे 48 घंटे का समय दीजिए. कुछ मांगों का उन्होंने तत्काल निराकरण किया जैसे उद्यानिकी स्नातकों को बराबरी का दर्जा देने के लिए उन्होंने तत्काल अधिकारियों को फोन लगाया. इस अवसर पर इंदौर एग्रीकल्चर महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र अखिलेश शॉप, श्री केसी गुप्ता श्री रमेश गंगवाल एवं दिलीप दंडीर द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया.

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