इंदौर में गांधीनगर थाना पुलिस ने नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200 रुपये के 424 नकली नोट, जिनकी कुल कीमत 84,800 रुपये है, बरामद किए हैं।
इसके अलावा 500 रुपये के अधछपे नकली नोट, कलर प्रिंटर, विशेष कागज और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान भी जब्त किया गया है।
भुगतान करने पहुंचे थे आरोपी
एसीपी निधि सक्सेना ने बताया कि गांधीनगर स्थित सांवरिया ढाबे के कर्मचारी अशोक ने पुलिस को सूचना दी थी कि एक युवक संदिग्ध 200 रुपये के नोट से भुगतान करने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनिल यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दीपक पटेल निवासी देपालपुर को हिरासत में लिया।
तलाशी के दौरान उसके पास से एक ही सीरियल नंबर वाले कई 200 रुपये के नोट मिले, जिससे पुलिस को नकली नोटों का संदेह हुआ।
पूछताछ में खुला पूरा नेटवर्क
पूछताछ में दीपक ने अपने साथियों संजय उर्फ जय वैष्णव और रवि चौधरी के साथ मिलकर नकली नोट तैयार कर बाजार में चलाने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने 424 नकली नोट, अधछपे 500 रुपये के नकली नोट, कलर प्रिंटर और उच्च गुणवत्ता वाले कागज बरामद किए।
यूट्यूब देखकर सीखा नकली नोट बनाना
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट छापने की तकनीक सीखी थी। इसके बाद उन्होंने कलर प्रिंटर खरीदा और नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में चलाने की योजना बनाई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अब तक कितने नकली नोट बाजार में चला चुके हैं तथा इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। पुलिस नकली नोटों की सप्लाई चेन और पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है।










