Atriwal Infrastructure और Vibrant Energy पर लगे दोहरे आरोप, काम के बाद ठेकेदार को नहीं किया भुगतान, किसानों को दिया भी धोखा

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By Raj RathorePublished On: June 25, 2026
Atriwal Infrastructure Limited

मध्य प्रदेश में पवन ऊर्जा परियोजनाओं का संचालन करने वाली Vibrant Energy और Atriwal Infrastructure Limited विवादों में घिरती नजर आ रही हैं। ठेकेदार और किसानों ने इन दोनों कंपनियों पर करोड़ों रुपये के भुगतान रोकने, वादाखिलाफी करने और मानसिक प्रताड़ना देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

ठेकेदार का कहना है कि वर्षों से भुगतान नहीं मिलने के कारण वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जबकि किसानों ने जमीन लीज, फसलों के नुकसान और रोजगार के वादे पूरे नहीं होने का आरोप लगाया है।

‘काम कराया, लेकिन भुगतान नहीं किया’

पीड़ित फर्म मां नागणेचा सिक्योरिटीज एंड डेवलपमेंट के प्रतिनिधियों का आरोप है कि उन्होंने दोनों कंपनियों के लिए विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा, निर्माण और अन्य कार्य किए, लेकिन करोड़ों रुपये का भुगतान आज तक नहीं किया गया।

उनका कहना है कि कई बार भुगतान की मांग करने पर उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा, जबकि कुछ मामलों में दबाव और धमकियों का भी सामना करना पड़ा।

समझौते के बाद भी नहीं मिली पूरी राशि

फर्म का दावा है कि अत्रिवाल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ भुगतान को लेकर अमझेरा थाना परिसर में चर्चा हुई थी। शुरुआत में कंपनी ने किसी भी प्रकार की बकाया राशि होने से इनकार किया, लेकिन बाद में हिसाब-किताब के दौरान लगभग 49 लाख रुपये की देनदारी सामने आई।

पीड़ितों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच 32 लाख रुपये पर समझौता हुआ था, लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद केवल 5 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया। उनका कहना है कि अभी भी 27 लाख रुपये की राशि बकाया है।

तीन साल से भुगतान लंबित

फर्म ने Vibrant Energy पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि धार जिले में कंपनी की दो परियोजनाओं में किए गए कार्य का करीब 19 लाख रुपये का भुगतान पिछले तीन वर्षों से लंबित है।

इसके अलावा धार जिले में किए गए अन्य कार्यों की करीब 46 लाख रुपये की राशि भी अब तक नहीं मिली है। फर्म का यह भी दावा है कि उसने कंपनी के लिए आगर मालवा जिले की 32 लोकेशन पर भी कार्य किया था, जिसका भुगतान भी विवाद का विषय बना हुआ है।

किसानों ने भी खोला मोर्चा

मामला केवल ठेकेदारों तक सीमित नहीं है। धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम सगवाल के किसानों ने भी कंपनियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

किसानों का आरोप है कि कंपनी ने जमीन लीज पर लेने के बाद उनकी सहमति के बिना खेतों में प्रवेश किया, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की।

‘गार्ड की नौकरी का वादा किया, फिर मुकर गई कंपनी’

प्रभावित किसानों का आरोप है कि Vibrant Energy ने परियोजना शुरू होने के दौरान उन्हें 29 वर्ष 11 माह तक गार्ड के पद पर रोजगार देने का आश्वासन दिया था। किसानों का कहना है कि इसी भरोसे पर उन्होंने कंपनी का सहयोग किया, लेकिन बाद में उन्हें नौकरी नहीं दी गई।

किसानों का आरोप है कि इस वादाखिलाफी के कारण वे आर्थिक असुरक्षा और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

पीड़ित ठेकेदारों और किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिए, लेकिन अब तक उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि कंपनियों की ओर से लगातार भुगतान टालने और वादे पूरे नहीं करने के कारण वे आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर बकाया भुगतान दिलाने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।