लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुई भीषण आगजनी और 15 लोगों की मौत के बाद इंदौर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मंगलवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने शहरभर में कोचिंग सेंटरों, व्यावसायिक परिसरों, होटल और अन्य संस्थानों की सघन जांच अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान फायर सेफ्टी नियमों के गंभीर उल्लंघन मिलने पर 10 कोचिंग सेंटर सहित कुल 23 संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
नहीं मिले पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम
नगर निगम के फायर विभाग ने विभिन्न कोचिंग संस्थानों में फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में अग्निशमन उपकरण या तो खराब मिले या पर्याप्त संख्या में नहीं पाए गए।
गीता भवन और भंवरकुआं क्षेत्र के कई कोचिंग सेंटरों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। एक कोचिंग संस्थान में इमरजेंसी एग्जिट गेट तक बंद मिला, जिसे देखते हुए तत्काल सील करने की कार्रवाई की गई।
व्यावसायिक परिसरों में भी मिलीं खामियां
संयुक्त टीम ने वेदा बिजनेस पार्क, अपोलो एवेन्यू, अपोलो आर्केड सहित कई बड़े व्यावसायिक परिसरों का भी निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि कई स्थानों पर फायर सेफ्टी सिस्टम केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं।
कुछ भवनों में अग्निशमन उपकरण खराब मिले, जबकि कई जगहों पर उनके नियमित रखरखाव का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं था। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही माना।
सुरक्षा मानकों का पालन करने पर खुलेगी सील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों को सील किया गया है, उन्हें सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। संबंधित संचालकों को पर्याप्त फायर सेफ्टी व्यवस्था, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के बाद शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद ही सील हटाने पर विचार किया जाएगा।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
एसडीएम घनश्याम धनगढ़ ने बताया कि फिलहाल 10 कोचिंग सेंटरों को सील किया गया है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य सार्वजनिक परिसरों की भी व्यापक जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी हादसे के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पहले से सुरक्षा सुनिश्चित कर जनहानि की संभावनाओं को समाप्त करना है।










