इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में 100 से अधिक बच्चे हुए बीमार, परिजनों ने लगाया एक्सपायर्ड खाना खिलाने का आरोप

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By Raj RathorePublished On: June 22, 2026
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इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में शनिवार को लंच के बाद 100 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायत सामने आई है। कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की समस्या हुई, जिसके बाद अभिभावकों में चिंता फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य विभाग की टीम स्कूल पहुंची और किचन सहित खाद्य सामग्री की जांच शुरू कर दी।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने 100 से अधिक बच्चों के प्रभावित होने की जानकारी दी है। प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ पैक्ड खाद्य सामग्री एक्सपायरी पाई जाने की भी सूचना सामने आई है। इसके बाद स्कूल के किचन को सील किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

एसडीएम दीपक चौहान ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। खाद्य विभाग की टीम स्कूल परिसर में मौजूद है और किचन, पानी की व्यवस्था तथा खाद्य सामग्री के सैंपल लिए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना को गंभीरता से लिया गया है।

वायरल हुआ हंगामे का वीडियो

घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल परिसर में नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं। वीडियो में कुछ अभिभावक स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगते दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि यह वीडियो किस दिन का है और किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

स्कूल प्रबंधन ने दी सफाई

मामले में स्कूल की कॉर्डिनेटर ऋचा तिवारी ने कहा कि स्कूल में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी मानकों का पालन किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्कूल का किचन पूरी तरह खुला है और कोई भी अभिभावक कभी भी उसका निरीक्षण कर सकता है।

उन्होंने कहा कि स्कूल में केवल आरओ का पानी उपयोग किया जाता है और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। उनके अनुसार अब तक 30 से 35 अभिभावकों के ईमेल प्राप्त हुए हैं, जबकि फोन कॉल और अन्य शिकायतों को मिलाकर प्रभावित बच्चों की संख्या 100 से 150 के बीच हो सकती है।

बच्चे महत्वपूर्ण हैं, आंकड़े नहीं

ऋचा तिवारी ने कहा कि फिलहाल स्कूल प्रबंधन के लिए सबसे महत्वपूर्ण बच्चों का स्वास्थ्य है। उन्होंने बताया कि स्कूल में प्रभावित बच्चों को ओआरएस दिया गया है और अभिभावकों को भी आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि समस्या भोजन से संबंधित होती तो बड़ी संख्या में मामले कुछ ही घंटों के भीतर सामने आ जाते। स्कूल द्वारा पानी की गुणवत्ता की जांच भी कराई गई है और आइसक्रीम सहित अन्य खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट वैध बताई गई है।