इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने पेश की मानवता की मिसाल, री-नीट में रोकी गई छात्रा को दिलाया प्रवेश

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By Raj RathorePublished On: June 21, 2026
Collector Shivam Verma Re Neet Exam

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के आयोजन के लिए इंदौर जिले में 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां 23 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, लेकिन इसी सख्ती के बीच एक छात्रा को आधार कार्ड नहीं होने के कारण परीक्षा केंद्र पर रोक दिया गया।

मामला इंदौर के एसजीएसआईटीएस (SGSITS) परीक्षा केंद्र का है। केंद्रों के निरीक्षण पर निकले कलेक्टर शिवम वर्मा जब मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने एक छात्रा को कोने में बैठकर रोते हुए देखा। पूछताछ करने पर पता चला कि आधार कार्ड साथ नहीं होने के कारण उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।

कलेक्टर ने दिलाया परीक्षा में प्रवेश

कलेक्टर ने तत्काल परीक्षा केंद्र संचालक को तलब किया और नाराजगी जताते हुए कहा कि जब केंद्र पर ही आधार कार्ड की कॉपी निकालने और उसकी पुष्टि करने की व्यवस्था उपलब्ध है, तो छात्रा को परीक्षा से वंचित कैसे किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह छात्रा के पूरे वर्ष की मेहनत का सवाल है। इसके बाद छात्रा को तुरंत परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।

वहीं, परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने सिटी बसों की विशेष व्यवस्था की थी, जिससे कई अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में मदद मिली। लगातार एक सप्ताह से कलेक्टर शिवम वर्मा और पुलिस प्रशासन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे।

एडिशनल डीसीपी ने भी निभाई जिम्मेदारी

इसी दौरान एक अन्य मानवीय पहल में सरवटे बस स्टैंड पर यातायात के एडिशनल डीसीपी नरेश बाबू अन्नोटिया ने एक छात्र और उसके पिता को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में मदद की। जब उन्हें पता चला कि छात्र परीक्षा केंद्र पहुंचने में देर कर सकता है, तो उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर उसे कृषि कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।

नीट परीक्षा के दौरान प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की इन संवेदनशील पहलों की देशभर में सराहना हो रही है।