मात्र 35 मिनट में पूरा होगा इंदौर से उज्जैन का सफर, 1089 करोड़ की लागत से बनेगा 48.1 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड हाईवे

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By Raj RathorePublished On: June 19, 2026
Indore Ujjain Green Field Highway

मालवा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था, धार्मिक पर्यटन और आर्थिक विकास को नई गति देने वाली बहुप्रतीक्षित इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना अब धरातल पर उतरने जा रही है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत बनाई गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमि पूजन 20 जून को इंदौर जिले के चंद्रावतीगंज में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

करीब 1,089 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही को भी सुगम बनाएगा।

वर्तमान में इंदौर से उज्जैन तक पहुंचने में ट्रैफिक और जाम के कारण काफी समय लगता है, लेकिन नए कॉरिडोर के शुरू होने के बाद यह सफर महज 30 से 35 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं, व्यापारियों, विद्यार्थियों और रोजाना आवागमन करने वाले हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

48 किलोमीटर होगा लंबा

मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा 48.10 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर किया जाएगा। यह मार्ग इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा।

परियोजना को 24 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सिंहस्थ-2028 से पहले यह सड़क पूरी तरह तैयार होकर जनता को समर्पित की जा सके।

ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिलेगा बड़ा फायदा

इस कॉरिडोर का लाभ केवल इंदौर और उज्जैन तक सीमित नहीं रहेगा। सांवेर, हातोद और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश, व्यावसायिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही यह मार्ग इंदौर एयरपोर्ट, श्री महाकाल लोक, ओंकारेश्वर और मालवा क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क के दोनों ओर नए व्यावसायिक कॉरिडोर विकसित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

प्रशासन ने तेज की तैयारियां

भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने चंद्रावतीगंज पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा, पार्किंग, मंच, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा वीआईपी मूवमेंट को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

माना जा रहा है कि इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का आधार स्तंभ और मालवा क्षेत्र के भविष्य के विकास की नई धुरी साबित होगा।