दिव्यांगजनों के सपनों को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन देगी आसान ऋण, ट्रेनिंग और बाजार की गारंटी

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By Raj RathorePublished On: July 30, 2026

दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और स्वावलंबन की दिशा में सशक्त कदम उठाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर समय पर ऋण (लोन) की अदायगी करने वाले ईमानदार एवं सफल हितग्राहियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही नए व्यवसाय और स्व-रोजगार की इच्छा रखने वाले दिव्यांग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन दिव्यांगजनों के कल्याण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के तहत दिव्यांगजनों को अत्यंत रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें 50 हजार रुपये तक का ऋण मात्र 5 प्रतिशत ब्याज दर पर, 5 लाख रुपये तक का लोन 6 प्रतिशत ब्याज दर पर और 10 लाख रुपये तक का लोन 7 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध है।

परियोजना की आवश्यकता के अनुसार 50 लाख रुपये तक का लोन प्रदान करने का प्रावधान भी रखा गया है। उन्होंने हितग्राहियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप समय पर ऋण की किस्तें चुकाने वालों को 25 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, किस्तों के भुगतान को सुलभ बनाने के लिए प्रतिदिन 100 रुपये जैसी दैनिक किस्त भुगतान प्रणाली की नई व्यवस्था भी शुरू की गई है।

कार्यक्रम में दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री पंकज वर्मा ने स्पष्ट किया कि केवल वित्तीय सहायता देना ही शासन का लक्ष्य नहीं है, बल्कि हितग्राहियों को एक सफल और स्वावलंबी उद्यमी बनाना मुख्य ध्येय है। इसके लिए 5 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जिसमें उत्पादों के निर्माण के साथ-साथ डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय प्रबंधन और सीए के माध्यम से खातों के रखरखाव की व्यावहारिक शिक्षा दी जाएगी।

हितग्राहियों के व्यवसाय को मजबूती देने के लिए शासन के निर्देशों के तहत सुमित कपड़ा बाजार और शुभम मार्ट जैसी स्थापित व्यावसायिक संस्थाओं के साथ एमओयू किया गया है, जिससे किराना, वस्त्र, जूते और लॉन्ड्री जैसे मूलभूत व्यवसायों में पूरा सहयोग मिल सके। इसके अलावा, दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित सामग्री की निर्बाध बिक्री सुनिश्चित करने के लिए रायपुर में विशेष शोरूम और आउटलेट्स भी तैयार किए जा रहे हैं।