गरजा आसमान, थम गईं निगाहें, सूर्यकिरण ने मेरठ में लिखी शौर्य की नई इबारत
सेवा संकल्प अभियान के तहत पहली बार क्रांतिधरा में हुआ एयर शो, नौ हॉक जेट की कलाबाजियों ने हजारों दर्शकों को किया रोमांचित
तिरंगे की लकीरों से सजा आसमान, मेरठ के तीन जांबाजों ने वायुसेना के प्रदर्शन में जोड़ा शहर का गौरव
मेरठ,
एक साथ नौ लड़ाकू विमान। देखते ही देखते बदलते फॉर्मेशन। कभी जमीन को छू लेने जैसी उड़ान तो कभी आसमान में उल्टी कलाबाजी। फिर दो विमान आमने-सामने बढ़े और पलक झपकते एक-दूसरे को क्रास करते निकल गए। शनिवार को मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटिड टाउनशिप में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने पहली बार मेरठ के आसमान को अपना प्रदर्शन मंच बनाया तो हजारों लोगों की निगाहें ऊपर टिक गईं। हॉक एमके-132 विमानों की गर्जना के बीच आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की लकीरें उभरीं और पूरा माहौल वंदेमातरम् के उद्घोष के साथ राष्ट्रभक्ति से भर उठा। केंद्र और प्रदेश की योगी सरकार की पहल पर सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए इस ऐतिहासिक एयर शो में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई रोमांच से भर गया।
हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर नौ हॉक जेट विमान सुबह करीब 10 बजकर 25 मिनट पर मेरठ के आसमान में पहुंचे। मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों तथा जय हिंद और वंदेमातरम के उद्घोष से इन विमानों का स्वागत किया। इससे पहले सुबह साढ़े सात बजे से ही न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। दर्जनभर से अधिक स्कूलों के छात्र, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवक इस रोमांचकारी क्षण का साक्षी बनने पहुंचे। परिवारों के साथ चिकित्सक, व्यापारी और उद्यमियों ने भी इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का आनंद लिया।
पलक झपकते बदलते रहे फॉर्मेशन
सूर्यकिरण के विमानों ने आसमान में ऐसा तालमेल दिखाया कि हर करतब के साथ दर्शकों की तालियां तेज होती गईं। नौ विमानों ने पहले वी-आकार में उड़ान भरी, फिर अलग-अलग दिशाओं में बिखरते हुए अगले ही पल दोबारा सटीक फॉर्मेशन बना लिया। लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्यूवर ने रोमांच बढ़ाया। करीब 100 से 150 फीट की ऊंचाई पर विमानों की सटीक उड़ान देखकर लोग सांस थामे रहे। दो जेट आमने-सामने बढ़े और ऐन वक्त पर एक-दूसरे को क्रास करते हुए निकल गए तो मैदान तालियों से गूंज उठा। विमानों के पीछे केसरिया, सफेद और हरे रंग की लकीरों ने आसमान को तिरंगे में रंग दिया। इन स्मोक पॉड्स को नासिक स्थित वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो में विकसित किया गया है। हवाई करतबों के बीच तिरंगे की यह छटा बच्चों के लिए खास आकर्षण रही।
तिरंगे की छटा के साथ मेरठ के तीन जांबाजों ने बढ़ाया गौरव
मेरठ में हुए इस एयर शो का शहर से सीधा जुड़ाव भी रहा। सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम में मेरठ के तीन स्क्वाड्रन लीडर शामिल हैं। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और राहुल सिंह ने आसमान में हॉक जेट उड़ाते हुए करतब दिखाए, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से पूरे प्रदर्शन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। अपने शहर के तीन जांबाजों को इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बना देखकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। योगी सरकार के सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस आयोजन ने मनोरंजन से आगे बढ़कर युवाओं को राष्ट्रसेवा और अनुशासन का संदेश दिया। स्कूली बच्चों ने भारतीय वायुसेना की क्षमता, साहस और तकनीकी दक्षता को प्रत्यक्ष देखा। ऐसे आयोजनों के जरिए युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी और रक्षा सेवाओं के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
1996 में बनी सूर्यकिरण, 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा
सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एयरोबैटिक प्रदर्शन टीम है और 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। इसकी स्थापना 1996 में हुई थी। टीम में 13 पायलट होते हैं, जबकि प्रदर्शन के दौरान नौ पायलट एक साथ उड़ान भरते हैं। लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव रखने वाले पायलटों को टीम के लिए चुना जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी हवाई कलाबाजियों से दर्शकों को रोमांचित कर चुकी सूर्यकिरण का मेरठ में यह पहला प्रदर्शन था। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार, मेरठ में एयर शो के आयोजन का प्रस्ताव 13 मई को भेजा गया था और 8 सितंबर को इसे आधिकारिक मंजूरी मिली।
छात्र-छात्राओं में रोमांच, हर पल मोबाइल में कैद करने की होड़
सूर्य किरण के विमानों ने जैसे ही आसमान में फॉर्मेशन बदला, स्कूली बच्चों में उत्साह की लहर दौड़ गई। कोई हाथ हिलाकर पायलटों का अभिवादन कर रहा था तो कोई मोबाइल कैमरा आसमान की ओर किए हर करतब रिकॉर्ड करने में जुटा था। एयर शो देखने आए अनुभव ने कहा, पहली बार इतनी नजदीक से लड़ाकू विमानों को उड़ते देखा। जब दो विमान आमने-सामने आए तो सच में सांस रुक गई। अब वह भी वायुसेना में कैरियर बनाना चाहते हैं। छात्रा अनन्या बोलीं, योगी सरकार ने युवाओं को वायुसेना से परिचित कराकर उनमें जोश भर दिया है। तिरंगे के रंगों वाली लकीरों के बीच विमानों की उड़ान देखकर बहुत गर्व हुआ। यह दिन स्कूल में पढ़े किसी भी अध्याय से ज्यादा याद रहेगा। युवाओं में हर रोमांचक पल को कैमरे में सहेजने की होड़ रही।
ट्रैफिक-पार्किंग-पेयजल समेत पुख्ता रही समस्त व्यवस्था
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई, जबकि दर्शकों की सुविधा के लिए पेयजल उपलब्ध कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए मोहिउद्दीनपुर के आसपास 10 नॉटिकल मील यानी करीब 18.5 किलोमीटर क्षेत्र को 21 सितंबर तक अस्थायी रेड और नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, रिमोट संचालित विमान, हॉट एयर बैलून और अन्य यूएवी उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।
एयर शो के दौरान राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी, जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह, सीडीओ नुपूर गोयल, एडीएम सिटी, नगरायुक्त समेत सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।









