इंदौर में रविवार को बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिला, जब विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-4 के प्रभारी विरेन्द्र शेड़गे को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि उषा नगर में हुए विवाद के बाद सैकड़ों स्वयंसेवक अन्नपूर्णा थाने पहुंच गए थे और शेड़गे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा संगठन ने भी तुरंत एक्शन लिया।
भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र में साफ कहा गया है कि शेड़गे का आचरण पार्टी की विचारधारा और पक्ष के अनुरूप नहीं पाया गया तथा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
पत्र में शेड़गे को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्षों के लिए निष्कासित किया जा सकता है। यह कार्रवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर की गई बताई जा रही है।
विवादों से पुराना नाता
विरेन्द्र शेड़गे का विवादों से पुराना संबंध रहा है। कुछ समय पहले महू नाका चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें बिना हेलमेट वाहन चलाने पर रोका था। आरोप है कि इसके बाद शेड़गे ने राजनीतिक रसूख दिखाते हुए मौके पर हंगामा शुरू कर दिया।
बताया जाता है कि थोड़ी ही देर में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं को मौके पर बुला लिया गया और सड़क पर ही पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गया था। मामले ने इतना तूल पकड़ा जिसकी वजह से पार्टी के दबाव में कुछ पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई थी। उस घटना के बाद से ही संगठन के भीतर शेड़गे की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ने लगी थी।
कार्रवाई की वजह
जानकारी के अनुसार, ताजा कार्रवाई के पीछे उषा नगर में हुआ एक विवाद मुख्य कारण माना जा रहा है। कॉलोनी में एक डॉग लवर रोजाना आवारा कुत्तों को भोजन खिलाने आता था। इसी बात को लेकर विरेन्द्र शेड़गे ने उससे विवाद कर लिया। शेड़गे का कहना था कि कुत्तों को खाना खिलाने से इलाके में गंदगी फैलती है।
लेकिन मामला तब बिगड़ गया जब विवाद कथित तौर पर RSS से जुड़े स्वयंसेवकों तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि शेड़गे को लगा कि हर बार की तरह इस बार भी वे अपनी राजनीतिक पकड़ के दम पर बच निकलेंगे, लेकिन इस बार मामला संघ कार्यकर्ताओं से जुड़ा होने की वजह से वो फंस गया।
जैसे ही पूरे घटनाक्रम की जानकारी भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा तक पहुंची, उन्होंने तत्काल प्रभाव से शेड़गे को विधानसभा-4 प्रभारी पद से हटा दिया और कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विरेन्द्र शेड़गे तीन दिन के भीतर क्या जवाब देते हैं और पार्टी उनके खिलाफ आगे क्या बड़ा कदम उठाती है।











