NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पेपर लीक मामले में उनके इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर रही थी। इस्तीफे की घोषणा के बाद धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी जीत बताते हुए जश्न मनाया।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा, “लोग कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”
सोशल मीडिया पर साझा किया इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर दो पन्नों की एक चिट्ठी साझा कर दी। करीब 575 शब्दों की इस चिट्ठी में उन्होंने अपने कार्यकाल और मौजूदा परिस्थितियों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने दो स्थानों पर यह भी लिखा कि युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया। जंतर-मंतर से विरोध प्रदर्शन की वीडियो। pic.twitter.com/49uSWy0bd9
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 25, 2026
47 अधिकारी हुए थे बर्खास्त
इससे पहले शुक्रवार रात नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET पेपर लीक मामले में 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था। एजेंसी ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की बात भी कही थी।
अधिकारियों के अनुसार, NTA में सुधार के लिए आने वाले समय में और भी प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे। इसी क्रम में एक दिन पहले केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों का भी तबादला किया था।
भर्ती और परीक्षा प्रणाली में होंगे बदलाव
सूत्रों के मुताबिक, NTA की कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी की जा रही है। आउटसोर्सिंग व्यवस्था की समीक्षा के साथ तकनीकी सुधार लागू किए जाएंगे, ताकि परीक्षाओं की सुरक्षा मजबूत हो और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना न्यूनतम हो।
इसके अलावा, एजेंसी चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर और UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति भी करेगी। अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है।










