डेली कॉलेज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने किया स्पष्ट, ओल्ड डेलियन्स को स्कूल संचालन में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं

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By Raj RathorePublished On: June 1, 2026
Supreme Court on Daly College Case

डेली कॉलेज से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवादों और लगातार न्यायिक चुनौतियों के बीच आज डेली कॉलेज को सर्वोच्च न्यायालय से एक महत्वपूर्ण कानूनी मजबूती प्राप्त हुई। दिनांक 1 जून 2026 को विक्रम खंडेलवाल द्वारा दायर स्पेशल लीव पिटीशन पर सुनवाई करते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ माननीय न्यायमूर्ति श्री नरसिम्हा एवं माननीय न्यायमूर्ति श्री अरविंद कुमार ने स्पष्ट टिप्पणी की कि डेली कॉलेज में अध्ययन कर चुके एल्युमिनाई अथवा ओल्ड डेलियन्स को संस्था के प्रशासनिक संचालन में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप या संचालनात्मक अधिकार प्राप्त नहीं हैं।

सुनवाई के दौरान न्यायालय की इस स्पष्ट टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से स्पेशल लीव पिटीशन वापस लेने का निवेदन किया गया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने उक्त निवेदन स्वीकार करते हुए याचिका वापस लेने की अनुमति प्रदान की तथा प्रकरण को निरस्त कर दिया।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह टिप्पणी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले कई महीनों से डेली कॉलेज के प्रशासनिक ढांचे, बोर्ड की वैधानिकता तथा संचालन व्यवस्था को लेकर विभिन्न मंचों पर लगातार प्रश्न खड़े किए जा रहे थे। सर्वोच्च न्यायालय की यह स्पष्ट टिप्पणी इस बात को रेखांकित करती है कि किसी भी शैक्षणिक संस्था का संचालन उसके विधिसम्मत संवैधानिक ढांचे और वैधानिक प्रशासनिक तंत्र के अंतर्गत ही संचालित होता है।

डेली कॉलेज की ओर से इस प्रकरण में वरिष्ठ अधिवक्ता विजय आसुधानी एवं रक्षित आसुधानी ने प्रभावी पैरवी करते हुए संस्था का पक्ष मजबूती से रखा। उनकी सशक्त दलीलों ने न्यायालय के समक्ष डेली कॉलेज की प्रशासनिक और संवैधानिक स्थिति को स्पष्ट रूप से स्थापित किया।

उल्लेखनीय है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब हाल ही में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा डेली कॉलेज से संबंधित विभिन्न याचिकाएं खारिज की जा चुकी हैं और लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से नया बोर्ड गठित हो चुका है। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत याचिका का भी इसी प्रकार समाप्त होना यह संकेत देता है कि डेली कॉलेज के विरुद्ध खड़ा किया गया कानूनी और नैरेटिव आधारित विवाद लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है।

डेली कॉलेज से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि यह निर्णय केवल कानूनी राहत नहीं, बल्कि संस्था की 155 वर्ष पुरानी गरिमा, स्वायत्तता और प्रशासनिक स्थिरता की पुनर्पुष्टि है। उन्होंने कहा कि कुछ समय से भ्रम और अनावश्यक विवादों के माध्यम से संस्था की छवि को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था, किंतु प्रत्येक वैधानिक मंच पर तथ्य और विधिक स्थिति ही स्थापित हुई है।

डेली कॉलेज समुदाय ने इस निर्णय को संस्था की स्थिरता, पारदर्शी प्रशासन और भविष्य की दिशा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। वरिष्ठ ओल्ड डेलियन्स ने कहा कि अब समय विवादों से आगे बढ़कर संस्था के मूल उद्देश्य . उत्कृष्ट शिक्षा, नेतृत्व निर्माण और वैश्विक प्रतिष्ठा . पर केंद्रित होने का है।

यह निर्णय एक बार फिर स्पष्ट करता है कि डेली कॉलेज का संचालन केवल विधिसम्मत संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत ही होगा और संस्था की गौरवशाली विरासत किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव, भ्रम या अनावश्यक हस्तक्षेप से ऊपर है।