मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रही है। देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार इंदौर के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि लोग पानी के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए हैं। रविवार को वार्ड-75 और वार्ड-64 में जल संकट को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी के नेतृत्व में सैकड़ों रहवासी सड़क पर उतर आए और पानी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते इलाके में जाम की स्थिति बन गई और पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।
ACP के सामने दंडवत हुए पार्षद
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी भावुक हो गए और मौके पर मौजूद एसीपी के चरणों में लोट गए। वह दंडवत करते हुए एसीपी के पैर पकड़ने लगे और क्षेत्र में पानी की व्यवस्था कराने की गुहार लगाने लगे।
पार्षद लगातार कहते रहे, “सर पानी नहीं है… पानी दिलवा दो… जनता मर जाएगी।” इस दौरान आसपास मौजूद लोग भी पानी की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। एसीपी ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करते हुए कहा कि नगर निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। हालांकि लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
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पानी के लिए हाहाकार
देशभर में स्वच्छता के लिए पहचान रखने वाले इंदौर में पानी की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कुछ दिन पहले भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण 30 से अधिक लोगों की मौत का मामला भी सामने आया था।
अब शहर के कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। रहवासी लगातार नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा कोई राहत नहीं मिल पा रही।
टैंकर आते ही टूट पड़ते हैं लोग
जल संकट के चलते कई इलाकों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति बेहद कम पड़ रही है। स्थिति यह है कि टैंकर पहुंचते ही लोग पानी भरने के लिए टूट पड़ते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। वहीं प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने और पानी सप्लाई बढ़ाने का दावा कर रहा है।











