मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया में ₹655 करोड़ की लागत वाली 19 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार समस्याओं को टालने वाली नहीं, बल्कि समाधान देने वाली सरकार है। जनता इसी भरोसे पर भाजपा को बार-बार चुनती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश ने विकास की नई रफ्तार पकड़ी है और अब यह यात्रा रुकने वाली नहीं है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश ने नए भारत का दर्शन किया है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, फ्लाईओवर और बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ होते हैं।
देवरिया की बदली तस्वीर, फोरलेन से जुड़ा शहर
मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह गोरखपुर से सांसद थे, तब देवरिया तक पहुंचना बेहद मुश्किल होता था। सड़कें जर्जर थीं, कई जगह सिंगल लेन मार्ग थे और चौरी-चौरा रेलवे क्रॉसिंग पर घंटों जाम लगता था।
उन्होंने कहा कि आज वही देवरिया फोरलेन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। देवरिया से गोरखपुर पहुंचने का समय काफी कम हो गया है। देवरिया-बलिया सड़क परियोजना, देवरिया-कसया फोरलेन और बाईपास निर्माण जैसे कार्य पूर्वांचल को नई कनेक्टिविटी दे रहे हैं। यह मार्ग पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा।
कृषि विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज का जिक्र
सीएम योगी ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से कहा कि कुशीनगर में बन रहा कृषि विश्वविद्यालय लगभग तैयार हो चुका है और नए सत्र से इसे शुरू करने की तैयारी की जाए। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय किसानों को आधुनिक खेती, नई तकनीक और कम लागत में अधिक उत्पादन की दिशा में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि देवरिया में मेडिकल कॉलेज बनेगा, लेकिन आज महर्षि देवरहा बाबा के नाम पर सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि जल्द ही नए जिला अस्पताल के निर्माण का काम भी आगे बढ़ाया जाएगा।
‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ से बदली यूपी की पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को लेकर पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले हर जिले में माफिया सक्रिय थे। त्योहारों पर दंगे, व्यापारियों से वसूली और बेटियों में डर का माहौल रहता था।
उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” की जगह “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज” और “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” ने ले ली है। अब प्रदेश में बेटियां सुरक्षित हैं, व्यापारी बेखौफ होकर व्यापार कर रहे हैं और अपराधियों में कानून का डर साफ दिखाई देता है।
रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीआई केवल तकनीकी शिक्षा का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि इसे स्किल डेवलपमेंट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर जिले में विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है और जनता से जुड़े हर काम को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी जा रही है।











