UP Cabinet Expansion : योगी मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, इन 6 चेहरों को मिली जगह

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By Raj RathorePublished On: May 10, 2026
UP Cabinet Expansion

UP Cabinet Expansion : उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चर्चाओं में चल रहा मंत्रिमंडल विस्तार आखिरकार रविवार को हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में 6 नए चेहरों को शामिल किया गया, जबकि दो मंत्रियों को प्रमोशन देकर नई जिम्मेदारी सौंपी गई।

राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

योगी सरकार के इस विस्तार को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संतुलन माना जा रहा है। भाजपा ने इस विस्तार के जरिए पश्चिमी यूपी, दलित, ओबीसी, जाट, गुर्जर और ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की कोशिश की है।

ये नेता बने मंत्री

योगी कैबिनेट में शामिल होने वाले नेताओं में:

  • भूपेंद्र चौधरी
  • मनोज पांडेय
  • कृष्णा पासवान
  • हंसराज विश्वकर्मा
  • सुरेंद्र दिलेर
  • कैलाश राजपूत
  • सोमेंद्र तोमर
  • अजीत सिंह पाल शामिल हैं।

जाट वोट बैंक

भूपेंद्र चौधरी को मंत्री बनाकर भाजपा ने पश्चिमी यूपी और जाट समाज को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे भूपेंद्र चौधरी पहले भी योगी सरकार में मंत्री रह चुके हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 के बाद उन्हें कैबिनेट में शामिल किए जाने की चर्चाएं तेज थीं।

मनोज पांडेय को भी मिली जगह

ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय को भाजपा ने ब्राह्मण चेहरे के तौर पर कैबिनेट में जगह दी है। वह पहले समाजवादी पार्टी में बड़ा ब्राह्मण चेहरा माने जाते थे। राज्यसभा चुनाव में सपा से बगावत कर भाजपा का समर्थन करने के बाद से ही उनके मंत्री बनने की चर्चा चल रही थी।

दलित और पासी समाज

फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान को मंत्री बनाकर भाजपा ने दलित और खासतौर पर पासी समाज को साधने की रणनीति अपनाई है। लोकसभा चुनाव में पासी वोटों के एक हिस्से के सपा की ओर जाने के बाद भाजपा अब इस वर्ग को दोबारा मजबूत करने में जुटी है।

वाराणसी में लंबे समय तक संगठन का काम संभाल चुके हंसराज विश्वकर्मा को संगठन के भरोसेमंद चेहरे के रूप में मंत्री बनाया गया है। वहीं सुरेंद्र दिलेर को शामिल कर भाजपा ने वाल्मीकि समाज को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। मौजूदा मंत्रिमंडल में अब तक इस समाज से कोई बड़ा चेहरा नहीं था।

भाजपा की रणनीति

कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश राजपूत को मंत्री बनाकर भाजपा ने लोध समाज को साधने के साथ-साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके संसदीय क्षेत्र में घेरने की रणनीति बनाई है। कैलाश राजपूत को लोध समाज में मजबूत पकड़ वाला नेता माना जाता है।

मेरठ दक्षिण से विधायक सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार देकर भाजपा ने पश्चिमी यूपी के गुर्जर वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है। एबीवीपी से राजनीति शुरू करने वाले सोमेंद्र तोमर संगठन और समाज दोनों में सक्रिय माने जाते हैं।

सिकंदरा सीट से विधायक अजीत सिंह पाल को मंत्री बनाकर भाजपा ने पाल समाज को साधने की कोशिश की है। पाल समाज को यूपी की प्रभावशाली पिछड़ी जातियों में गिना जाता है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी कैबिनेट का यह विस्तार पूरी तरह सामाजिक समीकरणों और 2027 की चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर किया गया है।