CM Mohan Yadav : सीएम मोहन यादव जल्द ही प्रदेश के 45 बड़े और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर विभागीय समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि 15 मई के बाद होने वाली इस हाईलेवल बैठक में सरकार अगले एक साल के प्रशासनिक और विकासात्मक एजेंडे को अंतिम रूप दे सकती है।
यह सामान्य समीक्षा बैठक नहीं होगी, बल्कि सरकार द्वारा चिन्हित अहम विषयों पर स्पष्ट कार्ययोजना, समयसीमा और विभागीय जिम्मेदारी तय करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विषयों पर प्रगति रिपोर्ट और भविष्य की कार्ययोजना तैयार रखें।
विभागवार तय होंगे लक्ष्य
बैठक में मुख्यमंत्री स्वयं विभागीय प्रस्तुतियों की समीक्षा करेंगे और योजनाओं को पूरा करने के लिए समयसीमा तय करेंगे। साथ ही विभागों को अगले एक वर्ष के लिए लक्ष्य भी दिए जाएंगे। सरकार की कोशिश है कि विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों को तय समय में जमीन पर उतारा जाए।
ग्रामीण जमीनों की मुफ्त रजिस्ट्री
बैठक में ग्रामीण आबादी की जमीनों की निशुल्क रजिस्ट्री को लेकर बड़े अभियान की तैयारी पर चर्चा होगी। सरकार “स्वामित्व योजना” के तहत महिलाओं के नाम रजिस्ट्री को बढ़ावा देने और नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि 50 लाख पट्टों के वितरण को प्रधानमंत्री कार्यक्रम से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है।
भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में रहेगी। बैठक में सभी जिलों में पानी की उपलब्धता, टैंकर व्यवस्था और संकटग्रस्त इलाकों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही महानगरों में सीवरेज और जल प्रबंधन को लेकर नई नीति पर भी चर्चा होगी।
लाड़ली बहना योजना को रोजगार
सरकार अब लाड़ली बहना योजना को सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखना चाहती। बैठक में महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार, हैंडलूम, प्रशिक्षण और बैंक लोन से जोड़ने के मॉडल पर चर्चा होगी। वित्त विभाग इस संबंध में प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार कर चुका है।
बैठक में अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की प्रक्रिया की समीक्षा भी की जाएगी। इसके अलावा मंत्रालय और विंध्याचल-सतपुड़ा भवन में अधिकारियों-कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करने की प्रगति रिपोर्ट भी पेश होगी।
सरकार कई बड़े संस्थागत बदलावों पर भी विचार कर रही है। इसमें राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और मेडिकल यूनिवर्सिटी को तीन-तीन अलग संस्थानों में विभाजित करने का प्रस्ताव शामिल है।
इसके साथ ही अलग-अलग विभागों द्वारा संचालित स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन लाने और कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों की समीक्षा पर भी चर्चा होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में नई नीति की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में कैंसर अस्पतालों को बढ़ावा देने की नीति, IVF सेंटर वाले 100 बिस्तर अस्पतालों को प्रोत्साहन और भोपाल तथा उज्जैन के अस्पतालों में CSR फंड से रैन बसेरे शुरू करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
सरकार धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को भी प्राथमिकता दे रही है। बैठक में राम वन पथ गमन परियोजना, कृष्ण पाथेय योजना, चित्रकूट और अमरकंटक विकास प्राधिकरणों की समीक्षा की जाएगी।
आईटी, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर नई रणनीति
बैठक में भोपाल में आईटी नॉलेज सिटी, उज्जैन में डीप टेक पार्क, AI और डेटा सेंटर निवेश को बढ़ावा देने की रणनीति पर चर्चा होगी। साथ ही जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी।
सरकार उज्जैन में नए एयरपोर्ट निर्माण, भेल भोपाल की जमीन के उपयोग, शहरों में फायर सिस्टम मजबूत करने, सार्वजनिक पार्कों में नई गतिविधियों की अनुमति और हाउसिंग बोर्ड की रीडेंसिफिकेशन योजना को गति देने जैसे मुद्दों पर भी अहम फैसले ले सकती है।











