Shinku La Tunnel : बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) भारत-चीन सीमा के बेहद करीब एक ऐसी ऐतिहासिक सुरंग का निर्माण कर रहा है, जो पूरी होने के बाद दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल टनल बन जाएगी। शिंकुन ला टनल नाम की यह महत्वाकांक्षी परियोजना सामरिक और रणनीतिक दृष्टि से भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश और लद्दाख को जोड़ने वाली यह सुरंग समुद्र तल से करीब 15,800 फीट की ऊंचाई पर बनाई जा रही है। इसके पूरा होते ही यह दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल टनल का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेगी।
वर्तमान में दुनिया की सबसे चर्चित ऊंचाई वाली सुरंगों में अटल टनल शामिल है, जिसकी ऊंचाई करीब 10 हजार फीट से अधिक है। वहीं पेरू की Punta Olimpica Tunnel तीसरे स्थान पर मानी जाती है।
तेजी से चल रहा निर्माण कार्य
BRO ने इस टनल के निर्माण का काम जुलाई 2024 में शुरू किया था और अब तक करीब आधा काम पूरा कर लिया गया है। परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
करीब 4.1 किलोमीटर लंबी यह ट्विन-ट्यूब टनल निमू-पदम-दारचा मार्ग के जरिए हिमाचल प्रदेश और लद्दाख को जोड़ेगी। यह इलाका चीन सीमा के बेहद नजदीक माना जाता है, इसलिए इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
1681 करोड़ रुपये की लागत
इस मेगा परियोजना पर लगभग ₹16,810,000,000 यानी करीब 1681 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कठिन मौसम और ऊंचाई वाले क्षेत्र में निर्माण होने के कारण यह परियोजना इंजीनियरिंग के लिहाज से भी बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
सेना को होगा बड़ा फायदा
शिंकुन ला टनल बनने के बाद हर मौसम में लद्दाख और सीमा क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो जाएगी। अभी सर्दियों और भारी बर्फबारी के दौरान इस क्षेत्र तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं।
टनल तैयार होने के बाद सेना को हथियार, टैंक, सैन्य वाहन और जरूरी रसद सामग्री पहुंचाने में काफी आसानी होगी। इससे सीमावर्ती इलाकों में भारत की रणनीतिक क्षमता और तेज होगी।











