सीएम योगी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष का रवैया ऐसा था, मानो द्रौपदी के चीरहरण जैसी घटना दोहराई जा रही हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष कभी नहीं चाहता कि परिवार से बाहर की महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ने का अवसर मिले।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उनके अनुसार, जब महिलाओं को अधिकार देने की बात आती है, तो विपक्षी दल पीछे हट जाते हैं।
सपा-कांग्रेस पर निशाना
राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा और सहयोगी दलों के साथ मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ये दल महिला आरक्षण के रास्ते में बाधा बने हुए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में संसद में 78 महिला सांसद हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी संख्या बढ़ाना चाहते हैं। लेकिन विपक्षी दलों ने इस दिशा में सकारात्मक सहयोग नहीं दिया।
‘आधी आबादी माफ नहीं करेगी’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश की आधी आबादी विपक्ष के इस रवैये को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास अपने पुराने विवादों से सबक लेने और सुधार का मौका था, लेकिन वह भी गंवा दिया गया।
उन्होंने इशारों-इशारों में गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान को लेकर विपक्ष का रिकॉर्ड सवालों के घेरे में रहा है।











