शराब की दुकान हटने पर इंदौर में मना जश्न, रहवासियों संग थिरके एमआईसी मेंबर मनीष मामा, बांटी मिठाई

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By Raj RathorePublished On: April 1, 2026
Manish Mama Indore

इंदौर के साजन नगर स्थित देसी और अंग्रेजी शराब दुकान हटाए जाने के बाद स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर रहवासियों ने जमकर जश्न मनाया, जिसमें एमआईसी सदस्य मनीष मामा भी शामिल हुए और ढोल की थाप पर उनके साथ खूब थिरके। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।

यह घटना लंबे समय से शराब दुकान के विरोध में चल रहे स्थानीय संघर्ष की जीत के रूप में देखी जा रही है। दुकान हटने की खबर मिलते ही क्षेत्र के लोग एकत्रित हो गए और उन्होंने अपनी खुशी का इजहार करने के लिए उत्सव का माहौल बना दिया। ढोल-नगाड़ों की व्यवस्था की गई और पूरा इलाका खुशी के गीतों से गूंज उठा।

वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी

क्षेत्रीय निवासियों का कहना था कि यह शराब की दुकान आवासीय क्षेत्र में स्थित होने के कारण महिलाओं और बच्चों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी। शाम ढलते ही यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता था, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। कई बार स्थानीय संगठनों और महिला समूहों ने इस दुकान को हटाने के लिए प्रशासन से शिकायतें की थीं और प्रदर्शन भी किए थे।

इन विरोध प्रदर्शनों और लगातार उठ रही मांगों के बाद आखिरकार प्रशासन ने इस दुकान को हटाने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है और उन्हें लग रहा है कि उनकी आवाज़ सुनी गई है। दुकान के हटने से अब क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल लौटने की उम्मीद है।

जनप्रतिनिधि की सहभागिता

जश्न के इस माहौल में स्थानीय एमआईसी सदस्य मनीष मामा भी शामिल हुए। उन्होंने न सिर्फ रहवासियों की खुशी साझा की, बल्कि खुद भी ढोल की थाप पर उनके साथ नाचते-गाते दिखे। एमआईसी सदस्य की यह भागीदारी स्थानीय जनप्रतिनिधि और जनता के बीच के गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। उन्होंने लोगों को मिठाई बांटकर इस जीत की बधाई दी और कहा कि यह जनता की एकजुटता का परिणाम है।

मिठाई खिलाकर दी दुकान हटने की बधाई।

इस दौरान स्थानीय महिलाएँ और बच्चे भी बड़े उत्साह के साथ उत्सव में हिस्सा लेते दिखे। नाचते-गाते हुए उन्होंने अपनी वर्षों पुरानी समस्या के समाधान पर खुशी व्यक्त की। सोशल मीडिया पर भी इस जश्न के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसमें एमआईसी सदस्य और रहवासी खुशी से झूमते हुए नजर आ रहे हैं। यह घटना अन्य शहरों और आवासीय क्षेत्रों में भी शराब दुकानों के विरोध में चल रहे आंदोलनों को प्रेरणा दे सकती है।

इंदौर में शराब दुकान के हटने और उसके बाद मनाए गए इस जश्न ने यह संदेश दिया है कि जनभागीदारी और लगातार प्रयास से सामाजिक समस्याओं का समाधान संभव है। यह घटना स्थानीय समुदाय के लिए एक बड़ी जीत है और उनके लिए एक सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बन गई है।