Joint Recruitment Exam in MP : मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों के लिए बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब उम्मीदवारों को अलग-अलग विभागों में नौकरी के लिए कई बार परीक्षाएं देने की जरूरत नहीं होगी। राज्य सरकार ने संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 का प्रस्ताव मंजूर कर दिया है। इस नए सिस्टम के तहत एक परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थी 10 सरकारी विभागों में से किसी एक में चयन के लिए पात्र होंगे।
मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली समिति ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। यह बदलाव सरकारी नौकरी के इच्छुक युवाओं के समय और खर्च को बचाएगा।
तीन श्रेणियों में होंगी परीक्षाएं
एमपी स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड संयुक्त परीक्षा को तीन कैटेगरी में आयोजित करेगा। शिक्षक भर्ती के लिए Teacher Eligibility Test (TET), तकनीकी पदों के लिए Combined Technical Examination और गैर-तकनीकी पदों के लिए Combined Non-Technical Examination ली जाएगी।
शिक्षक पदों के लिए पात्रता परीक्षा दो लेवल पर होगी— पहले लेवल में सामान्य शिक्षक पात्रता परीक्षा, फिर दूसरे लेवल में विषय आधारित परीक्षा (जैसे, इतिहास या अंग्रेजी के शिक्षक के लिए अलग-अलग)।
संयुक्त तकनीकी परीक्षा के तहत स्वास्थ्य, कृषि और इंजीनियरिंग जैसे विशेषज्ञ पदों के लिए भी दो स्तर पर परीक्षा होगी— एक सामान्य और दूसरा विषय आधारित। वहीं, गैर-तकनीकी पदों की परीक्षा चार स्तरों पर आयोजित की जाएगी, जो विभिन्न ऑफिस वर्क प्रोफाइल के हिसाब से होगी।
जॉइनिंग की प्रक्रिया होगी तेज
अभी तक अक्सर परीक्षा के बाद रिजल्ट व नियुक्ति में महीनों लग जाते हैं। नई प्रक्रिया में मेरिट के आधार पर चयन होगा और परिणाम जल्दी घोषित किए जाएंगे। चयनित न होने पर अभ्यर्थी दोबारा संयुक्त परीक्षा देने के पात्र रहेंगे, क्योंकि परीक्षा का परिणाम 2 साल तक मान्य रहेगा।
संयुक्त भर्ती परीक्षा का प्रस्ताव अब कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। मंजूरी के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अभ्यर्थियों को अलग-अलग फॉर्म भरने, सेंटर पर बार-बार जाने और अलग-अलग तैयारी करने की परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही, भर्ती प्रक्रिया भी पारदर्शी और तेज होगी।











