मोहन यादव सरकार का ई-गवर्नेंस में दबदबा, 1752 सेवाओं के साथ हासिल किया देश में दूसरा स्थान

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By Raj RathorePublished On: March 30, 2026
Mohan Yadav E Governance

मध्यप्रदेश ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में देशभर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन (NeSDA) रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश को देश में डिजिटल सेवाओं के मामले में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में 1,752 ऑनलाइन सेवाएं नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।

कर्नाटक पहले, मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर

NeSDA की रिपोर्ट में कर्नाटक ने 2,102 सेवाओं के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि मध्यप्रदेश 1,752 सेवाओं के साथ दूसरे स्थान पर है। छत्तीसगढ़ 1,645 सेवाओं के साथ तीसरे और तमिलनाडु 1,634 सेवाओं के साथ चौथे स्थान पर है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि मध्यप्रदेश ने बीते वर्षों में ई-सेवाओं के विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति की है।

सुविधाओं का विस्तार

राज्य सरकार ने डिजिटल सेवाओं को बढ़ाने के लिए 56 विभागों की सेवाओं को MP e-Service Portal पर जोड़ा है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, लाइसेंस, टैक्स भुगतान और शिकायत सहित 1,752 सेवाओं का लाभ घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से उठा रहे हैं।

इससे लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और समय व मेहनत की बचत हो रही है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार से प्रदेश में पारदर्शिता भी बढ़ी है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना में कमी आई है और सेवाओं का समय पर निपटारा हो रहा है।

भविष्य की योजनाएं

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस उपलब्धि को सरकार की जनहितैषी नीतियों और बेहतर प्रशासन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मोबाइल आधारित सेवाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा डेटा आधारित सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। प्रदेश में 59 अनिवार्य सेवाओं को 100 प्रतिशत लागू किया जा चुका है, जो डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

डिजिटल सेवाओं के बढ़ते विस्तार से अब ग्रामीण व शहरी, दोनों क्षेत्रों के लोग सरकारी कार्यों के लिए ऑनलाइन माध्यम का उपयोग कर रहे हैं, जिससे प्रदेश में ई-गवर्नेंस का दायरा लगातार बढ़ रहा है।