MP Weather Update : मध्य प्रदेश में मार्च के अंतिम सप्ताह में मौसम ने एक बार फिर रुख बदल लिया है। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से अगले पांच दिनों तक मौसम में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 30 मार्च से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, तेज बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। ग्वालियर-चंबल संभाग के भिंड और दतिया जिलों सहित भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा व शहडोल संभाग के कई जिलों में दो अप्रैल तक तेज़ हवाओं के साथ बारिश और ओले गिर सकते हैं। रविवार को ग्वालियर सहित कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि सोमवार से असर और तेज होने की संभावना जताई गई है।
आधे प्रदेश में अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के लगभग आधे हिस्से के लिए अलर्ट जारी किया है। मार्च माह के दौरान मौसम कई बार बदला है—कहीं तेज गर्मी, तो कहीं बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। अब तक 45 से अधिक जिलों में बारिश हो चुकी है, जबकि 17 जिलों में ओले गिरने से गेहूं, पपीता और केले की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
तापमान में गिरावट
लगातार बदलते मौसम के कारण प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को मंडला में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में तापमान और कम हो सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
अप्रैल-मई में भीषण गर्मी की आशंका
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि मार्च के अंत में राहत के बाद अप्रैल और मई में प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ सकती है। कई संभागों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।











