कॉलेज की राजनीति से शुरू हुआ सफर, सीएम की कुर्सी तक पहुंचा, जानें मोहन यादव की सफलता की कहानी

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By Raj RathorePublished On: March 25, 2026
Mohan Yadav Birthday

CM Mohan Yadav Birthday : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राजनीतिक यात्रा प्रेरणादायक मानी जाती है। उज्जैन के एक साधारण परिवार में जन्मे मोहन यादव ने छात्र राजनीति से लेकर प्रदेश की सबसे ऊंची कुर्सी तक पहुंचने का लंबा सफर तय किया। 11 दिसंबर 2023 को वे तीसरी बार विधायक चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री बने। पार्टी ने उन्हें विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना।

डॉ. यादव का जन्म 25 मार्च 1965 को उज्जैन में हुआ। उनके पिता पूनमचंद यादव और मां लीलाबाई यादव परिवार में पारंपरिक मूल्यों के निर्वाहन के लिए जाने जाते थे। मोहन यादव ने उज्जैन में 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद माधव साइंस कॉलेज में प्रवेश लिया, जहां उन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से सक्रिय रूप से जुड़े और 1982 में सह-सचिव, 1984 में अध्यक्ष बने।

राजनीतिक शुरुआत

छात्र राजनीति के बाद डॉ. मोहन यादव ने भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर 1990 से 2004 तक संगठन के विभिन्न पदों पर काम किया। 2003 में पार्टी ने उन्हें बड़नगर विधानसभा से टिकट दिया, लेकिन संगठन हित में उन्होंने यह टिकट लौटा दिया। इस फैसले के बाद 2004 में उन्हें उज्जैन विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद वे मप्र पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन भी रहे।

2013 में भाजपा ने मोहन यादव को उज्जैन दक्षिण सीट से मैदान में उतारा, जहां वे चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने। 2018 में वे फिर से इसी सीट से जीते और उच्च शिक्षा मंत्री बने। 2023 में लगातार तीसरी बार विधायक बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

परिवार, समाज और संतुलन की मिसाल

डॉ. मोहन यादव ने अपने राजनीतिक जीवन के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाया। पिता की दुकान संभालने के साथ वे समाज में भी सक्रिय रहे। छात्र राजनीति से लेकर संगठन और सरकार तक की जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने अपने जीवन में संतुलन और अनुशासन का उदाहरण पेश किया।

उनकी राजनीतिक उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि निरंतर मेहनत, संगठन के प्रति निष्ठा और सही रणनीति के साथ राजनीति में आगे बढ़ा जा सकता है। उज्जैन दक्षिण सीट पर उनके वर्ग के मतदाता कम हैं, लेकिन जनता के साथ मजबूत जुड़ाव के कारण वे लगातार जीतते रहे।

नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यशैली

मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक नियंत्रण, विकास और जनहित के मुद्दों पर फोकस किया है। अपने कार्यकाल में उन्होंने संगठन और सरकार के बीच समन्वय को प्राथमिकता दी है। उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश में कई नवाचार और योजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश के बाहर भी उनकी छवि एक विजनरी नेता के रूप में उभर रही है।

डॉ. यादव अपने जन्मदिन को सादगी से मनाते हैं और कड़ी मेहनत को ही सफलता का मंत्र मानते हैं। उनका राजनीतिक सफर दिखाता है कि साधारण कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री बनने तक का रास्ता संघर्ष, अनुशासन और समर्पण से ही तय किया जा सकता है।