मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड जबलपुर में राज्य की पहली सैटेलाइट सिटी बनाने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। यह स्मार्ट सिटी 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसमें विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हाउसिंग बोर्ड का उद्देश्य जबलपुर को बेंगलुरु और गुरुग्राम जैसे शहरों की तर्ज पर विकसित करना है। इस परियोजना से खासकर मिडिल क्लास परिवारों को आधुनिक आवास, परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं मिलेंगी।
क्या है सैटेलाइट सिटी?
सैटेलाइट सिटी का मतलब है ऐसा उपनगर, जो मुख्य शहर के बोझ को कम करने के लिए बनाया जाता है। यहां रहने और कामकाज के लिए जरूरी सभी सुविधाएं मिलती हैं। जबलपुर की यह परियोजना मध्य प्रदेश में इस तरह की पहली पहल होगी।
मीडिल क्लास को मिलेगा फायदा
इस सैटेलाइट सिटी में मिडिल क्लास के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग, ग्रीन स्पेस, स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग क्षेत्र और बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधा होगी। इससे न सिर्फ शहर का ट्रैफिक कम होगा, बल्कि लोगों को बेहतर जीवन-शैली भी मिलेगी। हाउसिंग बोर्ड की योजना है कि अलग-अलग आय वर्ग के लोगों के लिए भी आवास उपलब्ध कराए जाएं।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का वादा
परियोजना में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल फैसिलिटी, सीवेज सिस्टम, वॉटर सप्लाई और पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके अलावा, सुरक्षा, ग्रीन एनर्जी और स्मार्ट कनेक्टिविटी पर भी ध्यान दिया जाएगा।हाउसिंग बोर्ड ने परियोजना की रूपरेखा तैयार कर ली है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इस सैटेलाइट सिटी के पूरा होने के बाद जबलपुर के विकास को नया आयाम मिलेगा।










