सीधी जिले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को जिला मुख्यालय का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनता और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की गई।
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए तत्काल प्रभाव से कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को उनके पद से हटाने के निर्देश दिए। साथ ही जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को भी निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा– जवाबदेही जरूरी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि अधिकारी जिस पद पर नियुक्त हैं, उन्हें पूरी जिम्मेदारी से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा, नियुक्ति के साथ ही जवाबदेही भी तय होती है। लापरवाही या शिकायतें मिलने पर तुरन्त कार्रवाई की जाएगी।
आज सीधी जिला मुख्यालय में आकस्मिक निरीक्षण किया। इसमें जनता एवं जनप्रतिनिधिगणों की शिकायतों, जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा एवं फीडबैक के आधार पर जिला कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं।
महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक पीएस…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 22, 2026
जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतें बनी वजह
इस निरीक्षण के दौरान जनता और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं। विस्तृत समीक्षा और फीडबैक के आधार पर यह कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करें।
इस निर्णय के बाद जिले में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। राज्य सरकार ने साफ किया है कि जवाबदेही से समझौता नहीं किया जाएगा।











