मध्यप्रदेश सरकार जल्द ही अपने नए जेट विमान चैलेंजर 3500 की डिलीवरी लेने जा रही है। 250 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए इस विमान के चलते राज्य सरकार को किराए के विमानों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। वर्तमान में सरकार के पास स्वयं का कोई विमान नहीं है, जिससे मुख्यमंत्री और अधिकारियों को हवाई यात्रा के लिए निजी कंपनियों से विमान किराए पर लेना पड़ता था।
कनाडा में बाम्बार्डियर कंपनी द्वारा तैयार किया जा रहा यह विमान जून 2026 के अंत तक मध्यप्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा। डिलीवरी से पूर्व विमान की तकनीकी जांच की जाएगी। इसके लिए जून माह में एक पायलट और दो इंजीनियरों की टीम कनाडा जाएगी। जांच प्रक्रिया पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च होंगे।
विमान की विशेषताएं और क्षमता
सरकार का नया विमान एक बार में लगभग 3500 किमी की उड़ान भर सकता है। इसकी अधिकतम गति 870 किमी प्रति घंटा है। इसमें 8 से 10 यात्री सफर कर सकते हैं, साथ ही दो कैबिन क्रू भी नियुक्त रहेंगे। विमान में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे सरकारी यात्राएं अधिक सुगम और सुरक्षित होंगी।
तकनीकी जांच के लिए समिति गठित
विमान की तकनीकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसमें विमानन विभाग के पायलट विश्वास राय, तकनीकी विशेषज्ञ जेपी शर्मा और रश्मि सिंह शामिल हैं। ये विशेषज्ञ विमान की हर तकनीकी बिंदु पर जांच करेंगे। इस जांच के लिए निजी विशेषज्ञों को 50 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
अधिकारी के अनुसार, नया विमान आने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की आपात या निर्धारित हवाई यात्राओं के लिए सरकार को किराए के विमानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे मासिक खर्च में भी कमी आएगी।
राज्य सरकार का यह निवेश प्रशासनिक कार्यों की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय रूप से भी लाभकारी माना जा रहा है।











