एमपी के इस शहर में 100 इलेक्ट्रिक बसें होंगी शुरू, यात्रियों को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं, 10 रूट हुए फाइनल

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By Pinal PatidarPublished On: March 22, 2026

ग्वालियर शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए बड़ी पहल की जा रही है। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा के तहत मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसें जल्द ही सड़कों पर नजर आएंगी। इन बसों को इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PIS) से लैस किया जाएगा, जिससे उनकी हर गतिविधि स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटर की जा सकेगी।

पीथमपुर में तैयार बसों का निरीक्षण, प्रोजेक्ट में हल्की देरी संभव

Pithampur में तैयार हो रही ई-बसों का निरीक्षण नगर निगम अधिकारियों द्वारा किया जा चुका है। हालांकि जलालपुर आईएसबीटी और रमौआ डिपो पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य देर से शुरू होने के कारण परियोजना में थोड़ी देरी की संभावना है। अब इन बसों के मई-जून 2026 तक ग्वालियर में शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

राज्य सरकार की होल्डिंग कंपनी करेगी संचालन

अब तक नगर निगम के जिम्मे रहने वाला बस संचालन इस बार राज्य सरकार की होल्डिंग कंपनी के माध्यम से किया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है, जिससे संचालन अधिक व्यवस्थित और केंद्रीकृत तरीके से किया जा सकेगा।

केंद्र सरकार संभालेगी ITMS और PIS सिस्टम का टेंडर

बसों में लगने वाले आधुनिक ITMS और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के लिए टेंडर और कंपनी चयन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के पास रहेगी। साथ ही बसों में स्पीकर सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिससे कंट्रोल रूम से सीधे ड्राइवर और कंडक्टर को आपातकालीन निर्देश दिए जा सकेंगे।

दो चरणों में आएंगी 100 मिडी इलेक्ट्रिक बसें

पीएम-ई बस सेवा के तहत कुल 100 बसें चलाई जाएंगी। पहले चरण में 60 और दूसरे चरण में 40 बसें आएंगी। ये सभी 9 मीटर लंबी मिडी इलेक्ट्रिक बसें होंगी, जिनका संचालन जलालपुर आईएसबीटी और रमौआ डिपो से किया जाएगा। चार्जिंग के लिए इन्हीं स्थानों पर विशेष स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं।

शहर में 10 प्रमुख रूट तय, जल्द शुरू होगा संचालन

ग्वालियर में बस सेवा के लिए 10 रूट फाइनल किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने इन रूटों का निरीक्षण कर नागरिकों से सुझाव भी लिए हैं। बसों के आते ही इन्हीं तय रूटों पर संचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

डिपो और चार्जिंग स्टेशन पर 15.50 करोड़ का निवेश

रमौआ और आईएसबीटी डिपो पर सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य के लिए करीब 15.50 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसमें रमौआ डिपो के लिए 4.29 करोड़, चार्जिंग के लिए एचटी कनेक्शन 7.31 करोड़, आईएसबीटी के लिए 1.16 करोड़ और बाहरी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन के लिए 2.73 करोड़ रुपए शामिल हैं।

प्रति किलोमीटर भुगतान मॉडल तय, खर्च की भरपाई का प्लान

बस संचालन करने वाली एजेंसी को नगर निगम 58.14 रुपए प्रति किलोमीटर का भुगतान करेगा। इसमें केंद्र सरकार 22 रुपए प्रति किलोमीटर देगी, जबकि बाकी 36.14 रुपए नगर निगम वहन करेगा। उम्मीद है कि यात्रियों से मिलने वाले किराए से इस खर्च की भरपाई हो जाएगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी बसें, 180 किमी तक चलेंगी

इन इलेक्ट्रिक बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले और पैसेंजर सूचना प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। बस के रूट और स्टॉप की जानकारी डिस्प्ले पर दिखाई देगी। एक बार चार्ज होने पर ये बसें करीब 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी। अधिकारियों के अनुसार बसें तैयार हैं और जैसे ही चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा होगा, मई-जून तक ग्वालियर की सड़कों पर ई-बसें दौड़ने लगेंगी।