RSS का बड़ा संगठनात्मक बदलाव, मालवा प्रांत अब इंदौर-उज्जैन संभाग में बंटेगा, हरियाणा में लिया गया फैसला

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By Raj RathorePublished On: March 17, 2026
Indore RSS

इंदौर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा बदलाव करते हुए मालवा प्रांत का विभाजन करने का निर्णय लिया है। अब मालवा प्रांत की जगह इंदौर और उज्जैन नाम से दो नए संभाग बनाए जाएंगे। यह महत्वपूर्ण फैसला हरियाणा में संपन्न हुई संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में किया गया।

नई संभागीय व्यवस्था अगले वर्ष मार्च तक पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगी। संघ की यह पुनर्रचना संगठन के विस्तार और कार्य को अधिक सुगम बनाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। मालवा प्रांत का गठन साल 2009 में इंदौर और उज्जैन जिलों को मिलाकर किया गया था। अब 15 साल बाद इस व्यवस्था को बदला जा रहा है।

मार्च 2025 तक लागू होगी नई व्यवस्था

मालवा प्रांत के संघचालक प्रकाश शास्त्री ने बताया कि नई संभागीय व्यवस्था को अगले साल मार्च तक प्रभावी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संभागों में पदाधिकारियों के पद और उनकी जिम्मेदारियों का निर्धारण आगामी बैठकों में किया जाएगा। इन संभागों की संरचना भी मौजूदा प्रांत की तरह ही होगी और प्रत्येक संभाग का जिम्मा एक प्रचारक को सौंपा जाएगा। इस बदलाव के बाद मध्य प्रदेश में संघ के 9 से 11 संभाग हो सकते हैं।

“अगले वर्ष मार्च तक संभागीय व्यवस्था काम शुरू कर देगी। उसमें क्या पद होंगे, इसका फैसला बैठक में होगा।” — प्रकाश शास्त्री, संघचालक, मालवा प्रांत

इंदौर में होगी बैठक

इस संगठनात्मक बदलाव के अलावा, इंदौर इस साल संघ की एक बड़ी राष्ट्रीय बैठक की मेजबानी करेगा। अक्टूबर-नवंबर महीने में यहां अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के साथ देश के सभी प्रांतों से लगभग 450 वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके अलावा, संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का अधिवेशन अब हर तीन साल में एक बार आयोजित करने का भी फैसला हुआ है।

मालवा प्रांत में संघ का विस्तार

मालवा प्रांत के संघचालक प्रकाश शास्त्री और प्रांत कार्यवाह विनीत नवाथे ने प्रांत में संघ के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मालवा प्रांत में कुल 1359 मंडल हैं, जहां संघ का नेटवर्क सक्रिय है। प्रांत में 5045 शाखाएं संचालित हो रही हैं, जिनसे हजारों स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं। हाल ही में चलाए गए गृह संपर्क अभियान के तहत संघ की टोलियों ने 32 लाख परिवारों से संपर्क साधा और उन्हें भारत माता के चित्र व पत्रक वितरित किए।