इंदौर में बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर का खतरा, हर 8वां व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार, युवाओं में तेजी से बढ़ रहे मामले

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By Raj RathorePublished On: May 17, 2026
Indore Blood Pressure Patients

सुबह से देर रात तक भागदौड़ भरी जिंदगी, घंटों मोबाइल-लैपटॉप पर काम, तनाव, जंक फूड और कम नींद अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगे हैं। इंदौर में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग रिपोर्ट में सामने आया है कि शहर में जांच कराए गए हर आठ लोगों में एक व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित मिला। विशेषज्ञ इसे ‘साइलेंट किलर’ बता रहे हैं, क्योंकि लंबे समय तक इसके लक्षण सामने नहीं आते और अचानक हार्ट अटैक, स्ट्रोक या किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

देशभर में भी बढ़ रहा खतरा

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (NFHS-5) के मुताबिक देश में पुरुषों में 24.1 प्रतिशत और महिलाओं में 21.2 प्रतिशत लोग हाइपरटेंशन से प्रभावित हैं। शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा करीब 25 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती लाइफस्टाइल, फास्ट फूड, तनाव और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके पीछे सबसे बड़ी वजह बन रही है।

इंदौर में क्यों बढ़ रहे मामले?

डॉक्टरों के मुताबिक तेजी से विकसित हो रहे शहरों में काम का दबाव, देर रात तक जागना, लगातार स्क्रीन टाइम और शारीरिक श्रम कम होना युवाओं को हाई ब्लड प्रेशर की ओर धकेल रहा है।

निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में अब 30 से 40 वर्ष आयु वर्ग के मरीज तेजी से बढ़े हैं। एमवाय अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में रोज आने वाले मरीजों में 14 से 15 प्रतिशत लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित मिल रहे हैं।

रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े

मार्च तक इंदौर जिले में 12 लाख 86 हजार 777 लोगों की जांच की गई। इनमें 7 लाख 40 हजार लोगों की स्क्रीनिंग हुई, जिसमें 98 हजार 268 लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की पुष्टि हुई। इसके अलावा 62 हजार 735 लोग डायबिटीज से पीड़ित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हर 100 लोगों में करीब 13 लोग हाइपरटेंशन से प्रभावित हैं।

ये 4 वजहें बना रहीं लोगों को बीमार

  • लगातार तनाव और मानसिक दबाव
  • नमक और जंक फूड का अधिक सेवन
  • धूम्रपान, शराब और नशे की आदत
  • शारीरिक गतिविधि में कमी

केस-1: 34 साल की उम्र में बढ़ गया BP

विजय नगर निवासी 34 वर्षीय आनंद शुक्ला निजी कंपनी में काम करते हैं। रोज 10 से 12 घंटे लैपटॉप पर काम करने, कम नींद और बाहर का खाना खाने के कारण उन्हें लगातार सिरदर्द और चक्कर आने लगे। जांच में उनका ब्लड प्रेशर 170/110 निकला।

इलाज के बाद अब उन्होंने योग, वर्कआउट और संतुलित खानपान शुरू किया है।

केस-2: अनियमित दिनचर्या पड़ी भारी

42 वर्षीय कारोबारी भरत गर्ग लंबे समय से धूम्रपान और खराब दिनचर्या के कारण थकान महसूस कर रहे थे। नियमित जांच नहीं कराने के चलते स्थिति बिगड़ती गई। अचानक सीने में दर्द होने पर अस्पताल पहुंचे तो उच्च रक्तचाप के साथ हृदय संबंधी समस्या सामने आई।

इलाज के बाद उन्होंने धूम्रपान छोड़ दिया और अपनी जीवनशैली में बदलाव किया।

हाई ब्लड प्रेशर के मुख्य लक्षण

  • तेज सिरदर्द या सिर भारी लगना
  • चक्कर आना
  • सांस फूलना
  • सीने में दर्द या धड़कन तेज होना
  • धुंधला दिखाई देना
  • नाक से खून आना
  • अधिक थकान और बेचैनी

क्या न करें?

  • जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन न करें
  • लगातार कई घंटे तक बैठे न रहें
  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें
  • तनाव और गुस्से को नजरअंदाज न करें
  • देर रात तक मोबाइल स्क्रीन न देखें

डॉक्टरों की सलाह

एमवाय अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉ. अशोक ठाकुर के मुताबिक अब युवा वर्ग में भी हाई ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ रहा है। समय पर जांच, नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और तनाव नियंत्रण से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी रोग जैसी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

उन्होंने लोगों को फास्ट फूड और धूम्रपान से दूरी बनाने, रोज कम से कम 10 मिनट वॉक करने और 30 मिनट योग के लिए समय निकालने की सलाह दी है।