होली से पहले एमपी के 10 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स को बड़ी राहत, सीएम ने किया ये खास ऐलान

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By Pinal PatidarPublished On: March 3, 2026
Mohan Yadav on Budget 2026

प्रदेश सरकार ने शासकीय सेवकों और पेंशनर्स को बड़ी सौगात देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। सोमवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह महत्वपूर्ण निर्णय सार्वजनिक किया। इस फैसले से 7 लाख से अधिक कार्यरत शासकीय कर्मचारी और करीब 3 लाख पेंशनधारक सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। बढ़ती महंगाई के दौर में इसे आर्थिक राहत के रूप में देखा जा रहा है।

अप्रैल से लागू होगा 58% डीए, मई में मिलेगा नकद लाभ

महंगाई भत्ते की नई दर 58 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो अप्रैल माह से प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि इसका वास्तविक भुगतान कर्मचारियों और पेंशनर्स को मई में मिलने वाले अप्रैल के वेतन के साथ किया जाएगा। यानी बढ़ी हुई राशि का लाभ एक माह बाद वेतन पर्ची में दिखाई देगा।

वेतन में 500 से 4300 रुपये तक मासिक इजाफा

इस बढ़ोतरी का असर हर कर्मचारी और पेंशनर की मासिक आय पर अलग-अलग पड़ेगा। अनुमान है कि संबंधित कर्मचारियों के वेतन में हर महीने लगभग 500 रुपये से लेकर 4300 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यह वृद्धि संबंधित कर्मचारी के ग्रेड पे, मूल वेतन और सेवा श्रेणी पर निर्भर करेगी। उच्च वेतनमान वाले अधिकारियों को अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिलेगा, जबकि निम्न श्रेणी के कर्मचारियों को भी निश्चित अतिरिक्त राशि प्राप्त होगी।

श्रेणीवार संभावित लाभ का गणित

यदि वर्गवार संभावित लाभ की बात करें तो प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को प्रतिमाह लगभग 2397 रुपये से 4230 रुपये तक का फायदा हो सकता है। द्वितीय श्रेणी के कर्मचारियों को 1683 रुपये से 2019 रुपये तक अतिरिक्त मिलेंगे। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को 585 रुपये से 1473 रुपये तक की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। वहीं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में 465 रुपये से 556 रुपये तक का मासिक इजाफा संभावित है।

कोषालय अधिकारियों को वाहन किराये पर लेने की अनुमति

वित्तीय प्रशासन से जुड़ा एक और निर्णय भी सामने आया है। कोष एवं लेखा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी कोषालय अधिकारियों को अब किराये पर वाहन लेने की अनुमति दे दी गई है। इससे शासकीय कार्यों के संचालन में सुविधा और गतिशीलता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

ईपीएफओ की ब्याज दर 8.25% पर बरकरार

इधर कर्मचारी भविष्य निधि से जुड़े खाताधारकों के लिए भी अहम खबर आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत ही बनाए रखने का निर्णय लिया है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस फैसले से देशभर के लगभग 7 करोड़ खाताधारकों को स्थिर और सुरक्षित रिटर्न मिलता रहेगा।

आर्थिक मजबूती की दिशा में सरकार का कदम

सरकार के इन फैसलों को कर्मचारियों और पेंशनर्स की क्रय शक्ति बढ़ाने और उन्हें महंगाई से राहत देने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। महंगाई भत्ते में वृद्धि और ईपीएफ ब्याज दर स्थिर रहने से लाखों परिवारों की मासिक आय और बचत पर सकारात्मक असर पड़ेगा।