Chandra Grahan 2026: होली पर दिखेगा ब्लड मून, जानें भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में ग्रहण का समय और सूतक काल की पूरी डिटेल

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By Pinal PatidarPublished On: March 2, 2026

साल 2026 में रंगों के पर्व होली के दिन एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। 3 मार्च को वर्ष का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण इसलिए खास है क्योंकि इस दौरान चंद्रमा गहरे लाल रंग में नजर आएगा, जिसे आमतौर पर “ब्लड मून” कहा जाता है। यह स्थिति तब बनती है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरकर चंद्रमा पर पड़ती हैं, जिससे वह लालिमा लिए हुए दिखाई देता है। यह नजारा वैज्ञानिक दृष्टि से बेहद आकर्षक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत में ग्रहण का समय और अवधि

भारत में यह चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा। यानी ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट की होगी। हालांकि मध्य प्रदेश में चंद्रोदय शाम लगभग 6:20 से 6:30 बजे के बीच होता है, इसलिए यहां पूर्ण चरण की बजाय अंतिम आंशिक अवस्था ही दिखाई देगी। यानी सूर्यास्त के बाद जैसे ही चंद्रमा दिखाई देगा, उस समय ग्रहण अपने अंतिम चरण में होगा और करीब 15–20 मिनट तक आंशिक ब्लड मून का दृश्य देखा जा सकेगा।

सूतक काल और धार्मिक मान्यताएं

चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल मान्य रहेगा। धार्मिक नियमों के अनुसार चंद्र ग्रहण से लगभग नौ घंटे पहले सूतक शुरू हो जाता है। इस हिसाब से 3 मार्च को सुबह लगभग 6:20 बजे से सूतक काल प्रभावी माना जाएगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ, हवन, विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है। मान्यता है कि ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, इसलिए इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत नहीं की जाती।

भोपाल में ग्रहण का समय

भोपाल में चंद्रमा शाम करीब 6:21 बजे दिखाई देगा। इसलिए यहां के लोग लगभग 6:21 बजे से 6:47 बजे तक ग्रहण का अंतिम चरण देख सकेंगे। सूतक काल सुबह से ही प्रभावी रहेगा, जिसके चलते मंदिरों में नियमित आरती और दर्शन व्यवस्था अस्थायी रूप से स्थगित रह सकती है। धार्मिक परिवारों में इस दौरान विशेष सावधानी बरती जाएगी।

इंदौर और उज्जैन में दृश्यता

इंदौर में चंद्रोदय लगभग 6:35 बजे होने की संभावना है, इसलिए यहां ग्रहण का दृश्य कुछ मिनटों के लिए ही दिखाई देगा। वहीं उज्जैन में भी चंद्रमा करीब 6:30 बजे नजर आएगा और ग्रहण का अंतिम भाग देखा जा सकेगा। खगोल प्रेमियों के लिए यह समय खास रहेगा, हालांकि पूर्ण लाल चंद्रमा का दृश्य सीमित अवधि के लिए ही उपलब्ध होगा।

जबलपुर में ग्रहण की स्थिति

जबलपुर में भी चंद्रोदय लगभग 6:30 बजे के आसपास होगा। यहां के लोग सूर्यास्त के बाद कुछ समय के लिए आंशिक ब्लड मून का नजारा देख पाएंगे। मौसम साफ रहने की स्थिति में यह दृश्य स्पष्ट दिखाई देगा।

सूतक के दौरान क्या करें और क्या न करें

धार्मिक परंपराओं के अनुसार सूतक काल में भोजन बनाने और खाने से बचना चाहिए। मूर्तियों को स्पर्श करना, पूजा सामग्री छूना या शुभ कार्य आरंभ करना वर्जित माना जाता है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है। इस तरह होली के दिन लगने वाला यह चंद्र ग्रहण खगोलीय और धार्मिक, दोनों दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है। रंगों के त्योहार के साथ आसमान में लालिमा लिए चंद्रमा का दृश्य लोगों के लिए यादगार क्षण साबित हो सकता है।