एमपी में मार्च की शुरुआत में ही बढ़ी तपिश, कई शहरों में 35°C के पार तापमान, अप्रैल-मई में भीषण गर्मी के आसार

Author Picture
By Pinal PatidarPublished On: March 2, 2026

मध्य प्रदेश में मार्च का आगाज होते ही मौसम ने अपना रुख बदल लिया है। महीने के पहले ही दिन प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। निमाड़ अंचल के खरगोन में पारा 35.2 डिग्री तक दर्ज किया गया, जो इस सीजन के लिहाज से काफी अधिक माना जा रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर सहित कई प्रमुख शहरों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को दोपहर में ही तपिश का एहसास करा दिया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल और मई में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

आने वाले दिनों में और बढ़ेगी तपिश

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि हो सकती है। इसका मतलब है कि मार्च की शुरुआत ही गर्म परिस्थितियों के साथ हो रही है। रविवार को पहाड़ी पर्यटन स्थल पचमढ़ी को छोड़कर लगभग सभी जिलों में तापमान 30 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। धार, गुना, खंडवा, श्योपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और सिवनी जैसे जिलों में पारा 33 डिग्री के पार पहुंच गया।

रात का तापमान भी सामान्य से ऊपर

केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी अब पहले की तुलना में गर्म महसूस हो रही हैं। फरवरी के अंत और मार्च के शुरुआती दिनों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। जबलपुर में रात का तापमान 19.3 डिग्री और सतना में 18.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सागर, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में रात का पारा 17 डिग्री से ऊपर बना रहा। इससे स्पष्ट है कि मौसम अब पूरी तरह गर्मी की ओर बढ़ चुका है।

रंगपंचमी के आसपास मिल सकती है राहत

तेज गर्मी के बीच थोड़ी राहत की संभावना भी जताई गई है। 4 मार्च से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो रहा नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस दो दिन बाद मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से रंगपंचमी के आसपास कुछ जिलों में हल्की बारिश या बादल छाने की स्थिति बन सकती है। यदि यह सिस्टम प्रभावी रहा तो तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।

मार्च में 40 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

पिछले वर्षों के आंकड़ों को देखें तो मार्च में अक्सर दिन काफी गर्म रहते हैं, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी होती हैं और बीच-बीच में हल्की बारिश भी हो जाती है। इस वर्ष भी कुछ ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जबकि रात का तापमान 10 से 17 डिग्री के बीच रह सकता है। ग्वालियर क्षेत्र में तापमान में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिलता है, जिससे वहां मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। कुल मिलाकर प्रदेश में गर्मी का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है और आने वाले हफ्तों में इसका प्रभाव और तेज होने की संभावना है।