मध्य प्रदेश में 22 फरवरी को मौसम का रुख लगातार बदलता रहा। राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं राज्य के दूसरे हिस्सों में धूप का असर बना रहा। सुबह, दोपहर और शाम के बीच मौसम में तेज बदलाव देखने को मिला।
दिन की शुरुआत कई स्थानों पर बादलों के साथ हुई। कुछ जगहों पर हल्की बारिश जैसी स्थिति बनी, लेकिन यह लंबे समय तक एक जैसी नहीं रही। बादलों के हटते ही धूप निकलने से तापमान के अनुभव में भी बदलाव महसूस हुआ। इस वजह से लोगों को दिनभर मौसम के हिसाब से कपड़े और यात्रा की योजना बदलनी पड़ी।
भोपाल में मौसम का पैटर्न सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कभी बूंदाबांदी और कभी खुला आसमान दिखा। लगातार बदलते हालात ने यह साफ किया कि फिलहाल प्रदेश में मौसम स्थिर नहीं है। स्थानीय स्तर पर भी एक ही समय में अलग-अलग परिस्थितियां बनी रहीं।
एक ही दिन में दो तरह का मौसम
राज्य के जिन इलाकों में बूंदाबांदी हुई, वहां सड़क पर नमी और ठंडक बढ़ी। दूसरी ओर, जहां धूप निकली, वहां सामान्य गतिविधियां तेज रहीं। इस तरह प्रदेश में मौसम का प्रभाव एकसमान नहीं दिखा। ग्रामीण और शहरी इलाकों में भी इसका असर अलग-अलग तरीके से सामने आया।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर रोजमर्रा के कामकाज पर भी पड़ा। सुबह हल्की बारिश की संभावना देखकर लोग सावधानी के साथ निकले, जबकि दोपहर में धूप निकलने पर मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा। शाम तक फिर बादलों की आवाजाही ने अनिश्चितता बनाए रखी।
भोपाल में बदलते मौसम ने बढ़ाई सतर्कता
भोपाल में मौसम के तेजी से बदलने की वजह से लोगों ने दिनभर एहतियात बरती। खासकर दफ्तर जाने वाले, छात्र और खुले में काम करने वाले लोगों को बार-बार मौसम की स्थिति देखनी पड़ी। हल्की बूंदाबांदी के बाद धूप निकलने से कई इलाकों में वातावरण में नमी और गर्माहट दोनों का मिश्रित असर रहा।
शहर में आवागमन पर बड़ा व्यवधान नहीं रहा, लेकिन मौसम की अनिश्चितता ने तैयारियों को प्रभावित किया। लोग छाता या हल्का बचाव साथ लेकर निकले और धूप के समय उसी दिन सामान्य गर्माहट का अनुभव भी हुआ।
प्रदेश के दूसरे हिस्सों में धूप का असर
मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मौसम साफ रहने से धूप तेज रही। ऐसे इलाकों में दिन के समय सामान्य गतिविधियां बिना रुकावट चलती रहीं। वहीं बूंदाबांदी वाले क्षेत्रों में माहौल ठंडा और नम बना रहा। इससे प्रदेश के भीतर मौसम की तस्वीर एक साथ दो रूपों में दिखाई दी।
यह स्थिति बताती है कि फिलहाल राज्य में स्थानीय स्तर पर मौसम के पैटर्न में अंतर बना हुआ है। यही कारण है कि एक ही दिन में अलग-अलग जिलों से अलग मौसम की खबरें सामने आईं।
क्यों अहम है यह स्थिति
मौसम के ऐसे उतार-चढ़ाव का असर स्वास्थ्य, यात्रा, और दिनचर्या पर पड़ता है। सुबह-शाम का तापमान अनुभव और दोपहर की स्थिति अलग होने से लोग असहज महसूस करते हैं। स्कूल, दफ्तर, बाजार और खुले में काम करने वाले वर्ग के लिए यह बदलाव व्यावहारिक योजना से जुड़ा मुद्दा बन जाता है।
राज्य में रविवार की स्थिति ने यही संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी स्थानीय स्तर पर मौसम की निगरानी जरूरी रहेगी। बूंदाबांदी और धूप के बीच बदलता पैटर्न फिलहाल मध्य प्रदेश के मौसम की मुख्य पहचान बना हुआ है।











