फरवरी के महीने में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत में एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की जानकारी दी है। इसके प्रभाव से पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज बदलेगा और ठंड की एक और लहर देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल की शुरुआत से ही मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अब फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दो नए वेदर सिस्टम मौसम को प्रभावित करेंगे। पहला विक्षोभ 13 फरवरी को, जबकि दूसरा और अधिक शक्तिशाली विक्षोभ 17 फरवरी को उत्तर भारत में दस्तक देगा।
13 फरवरी को पहला विक्षोभ
मौसम विभाग के मुताबिक, पहला पश्चिमी विक्षोभ 13 फरवरी को सक्रिय होगा। यह अपेक्षाकृत कमजोर होगा, लेकिन इसके असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश हो सकती है। मैदानी इलाकों पर इसका खास असर देखने को नहीं मिलेगा।
17-18 फरवरी को होगा ज्यादा असर
इसके ठीक बाद 17 फरवरी को एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में प्रवेश करेगा। इसका असर 17 और 18 फरवरी को व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। इस सिस्टम के प्रभाव से पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 17-18 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। बादलों की गरज और तेज हवाओं से दिन के तापमान में गिरावट आएगी।
क्या फिर लौटेगी ठंड?
बारिश और बर्फबारी के इस दौर के बाद ठंड एक बार फिर वापसी कर सकती है। मौसम विभाग का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद आसमान साफ हो जाएगा और बर्फीले पहाड़ों से आने वाली उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं चलेंगी। इसके कारण मैदानी इलाकों के न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड का एहसास बढ़ेगा।










