UP में खुलेंगी 800 नई खादी यूनिट्स, योगी सरकार 16 हजार युवाओं को देगी रोजगार

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By Raj RathorePublished On: February 13, 2026
Khadi Units in UP

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने अगले कुछ वर्षों में राज्य में 800 नई खादी इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिससे करीब 16,000 लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे।

सरकार का यह कदम ग्रामीण युवाओं को उद्यमी बनाने और उनका शहरों की ओर पलायन रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके लिए दो प्रमुख योजनाओं, ‘मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना’ और ‘पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना’ के तहत वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना

इस पहल का सबसे प्रमुख हिस्सा मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 800 नई इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन इकाइयों की स्थापना के लिए बैंकों के माध्यम से 40 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इन इकाइयों से सीधे तौर पर 16,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके तहत छोटे और कुटीर उद्योग लगाने के लिए सब्सिडी आधारित बैंक ऋण मुहैया कराया जाता है। साथ ही, विभाग उद्यमियों को ट्रेनिंग से लेकर अन्य सभी जरूरी मदद भी प्रदान करता है, ताकि वे अपना उद्यम सफलतापूर्वक स्थापित कर सकें।

पंडित दीनदयाल योजना का सहारा

नई इकाइयों की स्थापना के साथ-साथ सरकार ने पहले से चल रही ग्रामीण औद्योगिक इकाइयों को भी मजबूती देने की योजना बनाई है। इसके लिए ‘पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना’ के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित इकाइयों को वित्तीय बोझ से राहत देना है। योजना के तहत इन इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) की सुविधा दी जाती है, जिससे उनकी निरंतरता बनी रहे और वे अपना विस्तार कर सकें। यह कदम ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) जैसी पहलों से जुड़े उद्योगों को भी बढ़ावा देगा।

सरकार के इन प्रयासों का लक्ष्य उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना और ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ के संकल्प को साकार करना है। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि भी आएगी।