उत्तर प्रदेश में होली, शब-ए-बरात, महाशिवरात्रि और रमजान जैसे आने वाले त्योहारों के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया है। बुधवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पर्व-त्योहारों के दौरान अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ त्योहार मनाए जाएं, लेकिन किसी को भी माहौल बिगाड़ने की छूट नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने शोभायात्राओं और जुलूसों के दौरान उपद्रवियों की घुसपैठ रोकने पर विशेष जोर दिया।
शोभायात्रा और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शोभायात्राएं या जुलूस बिना अनुमति के न निकाले जाएं और आयोजकों से शांति सुनिश्चित करने का शपथ पत्र लिया जाए। उन्होंने कहा, ‘रंग में भंग डालने की कोशिश करने वालों पर तत्काल कठोर कार्रवाई हो।’ इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि होलिका दहन केवल पारंपरिक और निर्धारित स्थानों पर ही किया जाएगा। किसी भी हालत में सड़क या यातायात बाधित कर होलिका दहन की अनुमति नहीं होगी।
धार्मिक स्थलों और समारोहों के लिए नियम तय
सरकार ने धार्मिक स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकर को लेकर भी पुराने निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। निर्देश के मुताबिक, लाउडस्पीकर की आवाज धार्मिक स्थल के परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए।
इसके साथ ही, शादी-समारोहों में रात 10 बजे के बाद डीजे या तेज संगीत बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर आयोजकों और डीजे संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को धार्मिक स्थलों के पास भिक्षावृत्ति रोकने और ऐसे लोगों के पुनर्वास के लिए योजना बनाने का भी निर्देश दिया गया है।
परीक्षाओं से लेकर कांवड़ यात्रा तक की तैयारी
आगामी बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए सीएम योगी ने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। वाराणसी, मेरठ, लखीमपुर खीरी और बाराबंकी जैसे जिलों के जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की जानकारी ली गई।
प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।










