MP में कुत्तों की नसबंदी में भी हुआ घोटाला, 33 हजार का किया दावा, सर्वे में मिले सिर्फ 2200 कुत्ते

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By Raj RathorePublished On: February 10, 2026

Dog Sterillization Scam : मध्य प्रदेश के रतलाम में आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर एक बड़े घोटाले का आरोप लगा है। नगर निगम ने कागजों में 33 हजार से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी करने और इस पर 2.5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने का दावा किया, लेकिन हकीकत चौंकाने वाली है। जब सर्वे किया गया तो शहर में सिर्फ 2200 नसबंदी वाले कुत्ते ही मिले। इस मामले में कांग्रेस पार्षद की शिकायत पर लोकायुक्त ने जांच शुरू कर दी है, जिससे निगम के अधिकारियों और निजी फर्मों की मिलीभगत की आशंका बढ़ गई है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब कांग्रेस पार्षद भावना हितेश बेमाल ने शहर में कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं के बावजूद नसबंदी के दावों पर सवाल उठाए। जब उन्हें निगम परिषद में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई।

दावों और हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरटीआई से मिली जानकारी में रतलाम नगर निगम ने 2022 से मई 2025 तक कुल 33,630 कुत्तों की नसबंदी का दावा किया। इस काम के लिए निजी फर्मों को लगभग 2 करोड़ 58 लाख रुपये का भुगतान भी किया गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े अभियान के बाद भी शहर में आवारा कुत्तों का आतंक कम नहीं हुआ। जब निगम ने खुद सर्वे कराया तो केवल 2,200 कुत्ते ही नसबंदी वाले पाए गए। ऐसे में सवाल उठता है कि बाकी 31,000 से ज्यादा कुत्ते कहां गए?

असंभव दरों पर भुगतान

जांच में यह भी सामने आया है कि नसबंदी के लिए किया गया भुगतान सरकारी दिशानिर्देशों से काफी कम था, जो भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। सरकारी गाइडलाइन के अनुसार, एक कुत्ते की नसबंदी पर करीब 1,650 रुपये का खर्च आता है, जिसमें कुत्ते को पकड़ना, सर्जरी, दवाएं और देखभाल शामिल है। जबकि निगम द्वारा निजी फर्मों को प्रति कुत्ता 636 रुपये और 786 रुपये की दर से भुगतान किया गया। जानकारों का कहना है कि एक सामान्य नसबंदी किट की कीमत ही करीब 845 रुपये होती है, ऐसे में इतनी कम दर पर ऑपरेशन करना संभव ही नहीं है। लोकायुक्त को शक है कि सिर्फ कागजों पर कुत्तों की संख्या दिखाकर करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया।

मेयर ने दिए जांच के आदेश

मामला सामने आने के बाद रतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें हाल ही में इस शिकायत की जानकारी मिली है।

लोकायुक्त में मामला गया है तो इसकी जांच होगी और अगर कोई भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा तो हम सख्त कार्रवाई करेंगे। मैं खुद इस मामले की पूरी जांच करवाऊंगा और उसके बाद ही कोई निर्णय लूंगा : प्रहलाद पटेल, महापौर, रतलाम

वहीं, शिकायतकर्ता पार्षद भावना बेमाल का कहना है कि वे लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रही थीं, लेकिन सुनवाई न होने पर उन्हें लोकायुक्त का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उनका आरोप है कि यह जनता के पैसे की खुली लूट है, जबकि शहरवासी कुत्तों के आतंक से परेशान हैं।