रक्तदान करो, VIP दर्शन पाओ! ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में जल्द शुरू होगी खास सुविधा

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By Raj RathorePublished On: February 6, 2026
Omkareshwar Jyotirlinga Temple

Omkareshwar Jyotirlinga Temple : मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अनूठी पहल शुरू की जा रही है। अब यहां रक्तदान करने वाले भक्तों को बिना किसी शुल्क के वीआईपी दर्शन की सुविधा मिलेगी। यह कदम रक्तदान जैसे महादान को प्रोत्साहित करने और रक्तदाताओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

खंडवा जिला प्रशासन, मंदिर ट्रस्ट और भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की यह एक संयुक्त पहल है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को एक महीने के भीतर इस विशेष व्यवस्था को शुरू करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इस योजना के तहत, जो भी श्रद्धालु जिले में रक्तदान करेंगे, उन्हें एक विशेष पास दिया जाएगा, जिससे वे सीधे वीआईपी गेट से मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।

कलेक्टर ने दिए निर्देश

हाल ही में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक बैठक में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इस योजना पर समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। उन्होंने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल को निर्देश दिया कि रक्तदान करने वाले लोगों का रिकॉर्ड रखा जाए और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रशस्ति पत्र भी दिया जाए। कलेक्टर के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इस नेक काम में योगदान देने वालों को सम्मानित करना है।

काशी और तिरुपति की तर्ज पर सुविधा

ओंकारेश्वर में शुरू हो रही यह व्यवस्था देश में पहली नहीं है। इससे पहले काशी विश्वनाथ, तिरुपति बालाजी और शिरडी साईं बाबा जैसे बड़े मंदिरों में भी रक्तदाताओं के लिए इसी तरह की वीआईपी दर्शन की सुविधा सफलतापूर्वक चल रही है। इन्हीं मंदिरों से प्रेरणा लेकर ओंकारेश्वर में भी इसे लागू किया जा रहा है।

‘रक्तदान महादान’ की भावना को मिलेगा बल

मंदिर प्रबंधन का मानना है कि धार्मिक दृष्टि से रक्तदान को ‘महादान’ का दर्जा दिया गया है। इस पहल से न केवल भक्तों को पुण्य कार्य के लिए प्रेरणा मिलेगी, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य को भी मजबूती मिलेगी। ओंकारेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यह नर्मदा नदी के मंधाता द्वीप पर स्थित है। यहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस नई सुविधा से लोगों में सामाजिक सेवा और धर्म के प्रति जुड़ाव और भी गहरा होगा।