₹5000 की लागत, 300 KM की रेंज, IIT BHU के छात्रों की हाइड्रोजन ई-बाइक ने मचाया तहलका

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By Raj RathorePublished On: January 30, 2026
iit BHU Hydrogen Bike

IIT BHU के छात्रों ने एक अनोखा इनोवेशन कर दिखाया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर कल्पना चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने कबाड़ में पड़ी एक पुरानी साइकिल को हाइड्रोजन चालित ई-बाइक में तब्दील कर दिया। इस इनोवेशन को पेटेंट भी मिल चुका है।

सबसे खास बात यह है कि इसमें मात्र 5000 रुपये का खर्च आया। यह बाइक एक किलो हाइड्रोजन में 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर सकती है। स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

तीन मोड में चलती है यह बाइक

इस ई-बाइक की सबसे बड़ी विशेषता इसके तीन मोड हैं। पहला हाइड्रोजन मोड, दूसरा बैटरी मोड और तीसरा मैनुअल मोड। उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के अनुसार किसी भी मोड का इस्तेमाल कर सकता है।

हाइड्रोजन ऊर्जा मोड में 500 वाट के हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग किया गया है। बैटरी मोड में 24 वोल्ट की बैटरी वाला इलेक्ट्रिक सिस्टम लगा है। मैनुअल मोड में इसे सामान्य साइकिल की तरह पैडल मारकर भी चलाया जा सकता है।

मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का बेहतरीन तालमेल

यह हाइड्रोजन बाइक मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट संयोजन है। प्रोफेसर कल्पना चौधरी और उनकी शोध टीम के सदस्यों मितांशु मीणा, ऐश्वर्या और अथर्व ने मिलकर इस परियोजना को पूरा किया।

टीम ने मात्र तीन महीने में एक बेकार पड़ी साइकिल को हाईटेक ई-बाइक में बदल दिया। यह इनोवेशन भारतीय युवाओं की प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रमाण है।

इलेक्ट्रिक बाइक से बेहतर है हाइड्रोजन बाइक

प्रोफेसर कल्पना चौधरी का कहना है कि मौजूदा इलेक्ट्रिक बाइक में बैटरी चार्जिंग की समस्या रहती है। हाइड्रोजन बाइक में ऐसी कोई परेशानी नहीं है। इसमें फ्यूल सेल या सिलेंडर को बदलकर तुरंत चलाया जा सकता है।

“ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में कुछ नया करने के इरादे ने इस विचार को जन्म दिया। यह न केवल इको फ्रेंडली है बल्कि जेब का खर्च भी बचाती है।” — प्रोफेसर कल्पना चौधरी

माइलेज के साथ पिकअप भी बेहतर

इस हाइड्रोजन बाइक में माइलेज के साथ पिकअप भी काफी अच्छा है। एक किलो हाइड्रोजन में 300 किमी से अधिक का सफर आसानी से किया जा सकता है। यह आम लोगों के लिए किफायती विकल्प साबित हो सकती है।

पेटेंट मिलने से बढ़ा उत्साह

इस इनोवेशन को पेटेंट मिलने के बाद IIT BHU प्रशासन भी काफी उत्साहित है। छात्रों का हौसला भी बढ़ा है। यह उपलब्धि इलेक्ट्रिकल विभाग के लिए गर्व का विषय बन गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह इनोवेशन भविष्य में स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। हाइड्रोजन ईंधन पर्यावरण के अनुकूल है और इससे प्रदूषण नहीं होता।

ग्रीन एनर्जी की दिशा में बड़ा कदम

जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के बीच यह इनोवेशन ग्रीन एनर्जी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले वाहन भविष्य की जरूरत बन सकते हैं।

IIT BHU के इस इनोवेशन से उम्मीद है कि देश के अन्य संस्थानों में भी ऐसे प्रयोग होंगे। यह युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए प्रेरणादायक है।