MP Weather: मध्यप्रदेश में मौसम का रुख अचानक बदल गया है। उत्तर क्षेत्र के कई जिलों में आगामी 24 घंटों के दौरान वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादलों की मौजूदगी बनी रहने से दिन के तापमान में गिरावट का दौर जारी रह सकता है। गुरुवार को राजधानी भोपाल समेत अनेक जिलों में पूरे दिन आसमान ढका रहा। कमजोर धूप के चलते गर्मी से राहत मिली, जबकि ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन का एहसास बढ़ गया।
भोपाल में बारिश का अलर्ट नहीं
शुक्रवार को भोपाल के लिए वर्षा की कोई औपचारिक चेतावनी जारी नहीं की गई है, हालांकि आसमान पर छाए रहेंगे। इस दौरान यदि हल्की फुहारें पड़ती हैं, तो इसे मौजूदा मौसम का पहला मावठा माना जाएगा। उल्लेखनीय है कि मानसून समाप्त होने के बाद नवंबर और दिसंबर के महीनों में प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में बारिश दर्ज नहीं की गई थी।
पहाड़ों की बर्फबारी के बाद बदला मौसम का रुख
पहाड़ी इलाकों में हुई हालिया बर्फबारी के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, जिसके चलते कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब मध्यप्रदेश तक पहुंच चुका है, जिससे जनवरी के दौरान मावठा होने की संभावना मजबूत हो गई है।
26 जनवरी से बदल सकता है मौसम
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन का कहना है कि गुरुवार से मौसम के हालात में स्पष्ट परिवर्तन देखने को मिला है। शुक्रवार को प्रदेश के उत्तरी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत हैं, जिसके प्रभाव से मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश दर्ज की जा सकती है।










