बारनवापारा परियोजना मण्डल में अखिल भारतीय बाघ अनुमान हेतु प्रशिक्षण आयोजित

Author Picture
By Abhishek SinghPublished On: January 21, 2026

बारनवापारा परियोजना मण्डल के अधिकारियों और कर्मचारियों को बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में अखिल भारतीय बाघ अनुमान (ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन) के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा संचालित बाघ अनुमान अभियान (2026 चक्र) का हिस्सा है। 14 जनवरी को बारनवापारा अभ्यारण में बाघ अनुमान (ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन) के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया l

उल्लेखनीय है कि नवीनतम वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, देश में बाघों की संख्या 3,682 दर्ज की गई है, जो विश्व की कुल बाघ आबादी का लगभग 70 से 75 प्रतिशत है। वर्ष 2026 के छठे चक्र में देशभर के 58 टाइगर रिजर्व सहित विभिन्न वन क्षेत्रों में बाघों, उनके शिकार प्राणियों और आवास की स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद फील्ड स्टाफ ने क्षेत्र में बाघ अनुमान कार्य तुरंत प्रारंभ कर दिया है।

प्रशिक्षण में शामिल मुख्य विषय बाघों की पहचान एवं पगमार्क (पंजों के निशान), मल, खरोंच एवं अन्य संकेतों का विश्लेषण, कैमरा ट्रैप तकनीक, फील्ड डाटा संग्रहण एवं आधुनिक निगरानी विधियाँ प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर बाघों की वास्तविक संख्या एवं उपस्थिति का आकलन करना है। इस प्रशिक्षण से बारनवापारा अभयारण्य में बाघ संरक्षण को मजबूती मिलेगी, अवैध शिकार पर नियंत्रण होगा और वन्यजीव प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार आएगा। फील्ड स्टाफ की क्षमता बढ़ने से बाघ अनुमान कार्य अधिक सटीक और प्रभावी रूप से पूरा किया जा सकेगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम अखिल भारतीय बाघ अनुमान अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देकर बाघ संरक्षण तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन को मजबूत कर रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए सक्रिय सहभागिता की और विषय से जुड़े प्रश्न पूछकर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।