इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पेयजल की त्रासदी लगातार जानलेवा साबित हो रही है। बुधवार सुबह उपचार के दौरान एक युवक ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि करीब एक महीने पहले दूषित पानी के सेवन के बाद उसकी सेहत बिगड़नी शुरू हुई थी, जिसके चलते उसे अलग-अलग समय पर दो अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
बार-बार बिगड़ती रही हालत
मृत युवक की पहचान हेमंत गायकवाड़ के रूप में हुई है। 22 दिसंबर को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उसे परदेशीपुरा स्थित वर्मा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर उसे छुट्टी दे दी गई, लेकिन कुछ ही दिनों में उसकी सेहत फिर बिगड़ गई। इसके चलते करीब पंद्रह दिन पहले हेमंत को अरविंदो अस्पताल में दोबारा भर्ती करना पड़ा, जहां लगातार इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
रोज़ी-रोटी के लिए हेमंत रिक्शा चलाता था और वही परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा था। उसके परिवार में चार बेटियां हैं, जो सभी पढ़ाई कर रही हैं। परिजनों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती के दौरान उल्टी-दस्त के अलावा अन्य बीमारियों के लक्षण भी सामने आए थे।
दूषित पानी से अब तक 25 मौतें
इंदौर में गंदे पेयजल का संकट अब भयावह रूप ले चुका है। अब तक एक हजार से अधिक लोग इसकी चपेट में आकर बीमार पड़ चुके हैं, जबकि फिलहाल बीस से ज्यादा मरीज विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं। इनमें से सात की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। दूषित पानी के चलते अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है। मृतकों में 40 वर्ष से कम उम्र के तीन लोग भी शामिल हैं, वहीं छह माह का एक मासूम बच्चा भी इस त्रासदी का शिकार बना है।
भागीरथपुरा में सामने आए इस पेयजल संकट की गूंज प्रदेश की सीमाओं से निकलकर राजधानी दिल्ली तक पहुंच चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच और निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।










