MP Weather: मध्य प्रदेश में फिलहाल सर्द मौसम की तीव्रता कुछ कम हुई है। बीते दो दिनों में रात के तापमान में करीब चार डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिन के समय धूप राहत दे रही है, लेकिन यह राहत स्थायी नहीं मानी जा रही। मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह में ठंड दोबारा जोर पकड़ सकती है, क्योंकि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र से सक्रिय मौसमी सिस्टम आगे बढ़ने के बाद प्रदेश में तापमान फिर गिरने की संभावना है।
इस समय राज्य के मौसम पर दो अलग-अलग मौसमी प्रभाव हावी हैं। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के चलते कई इलाकों में आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 21 जनवरी के आसपास एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है।
इसकी वजह से 23 जनवरी के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से लेकर हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक मौसम में तेज बदलाव आने की संभावना है। इस मौसमी गतिविधि का आंशिक असर मध्य प्रदेश के उत्तरी क्षेत्रों में भी महसूस किया जा सकता है।
इन संभागों में हल्की बारिश के आसार
ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग के इलाकों में आकाश में बादलों की बढ़ोतरी के साथ कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, फिलहाल आगामी चार दिनों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, हालांकि आने वाला पश्चिमी विक्षोभ अधिक प्रभावी हो सकता है। इसके चलते बादल छाने और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है, जबकि अगले दो से तीन दिनों में मौसम की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।
इंदौर की रात सबसे ठंडी
रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश में ठंड का सबसे ज्यादा असर कटनी के करौंदी क्षेत्र में देखने को मिला, जहां पारा गिरकर 7.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राजधानी भोपाल में रात का तापमान 10.6 डिग्री, ग्वालियर में 10.8 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में 13.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।










