इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम के संचालन में अहम बदलाव किया गया है। पहले इस प्रणाली को तुर्की की कंपनी असीस गार्ड के जिम्मे सौंपा गया था, लेकिन भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव और पाकिस्तान द्वारा तुर्की ड्रोन के उपयोग के बाद यह ठेका रद्द कर दिया गया।
एलिवेटेड कॉरिडोर पर मेगा ब्लॉक लागू
एलिवेटेड कॉरिडोर पर बाकी तकनीकी काम और परीक्षण पूरा करने के लिए मेगा ब्लॉक लागू किया गया है। इसके तहत 15 जनवरी से 25 जनवरी तक गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर तक 6 किलोमीटर के मार्ग पर मेट्रो सेवा पूरी तरह बंद रहेगी। फिलहाल इस सेक्शन में सीमित यात्री संचालन ही चल रहा था।
अब DMRC संभालेगी टिकटिंग प्रक्रिया
इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन की जिम्मेदारी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को सौंपी गई है। इसके पहले यात्रियों को टिकट मैन्युअल और कंप्यूटर आधारित सिस्टम के माध्यम से ही जारी किए जा रहे थे।
अंडरग्राउंड रूट का अंतिम फैसला अभी लंबित
इंदौर के अंडरग्राउंड रूट को मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार खजराना चौराहा से मेट्रो को भूमिगत मार्ग पर ले जाना है, लेकिन इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी, सर्वेक्षण और पहले स्वीकृत एलिवेटेड टेंडरों को रद्द करने जैसी कई औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
एलिवेटेड कॉरिडोर फरवरी-मर्च तक होगा तैयार
अधिकारियों के मुताबिक 17 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को फरवरी-मर्च तक व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। इस दौरान गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक मौजूद 16 स्टेशनों में सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन और अन्य तकनीकी काम पूरे किए जाएंगे, जिसके बाद कॉरिडोर का परीक्षण और कमिशनिंग किया जाएगा।










