बुधवार को इंदौर में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के अंतर्गत लगभग 800 करोड़ रुपये के कार्यों की शुरुआत मुख्यमंत्री की उपस्थिति में की गई। सीएम ने लता मंगेशकर सभागृह में आयोजित कार्यक्रम का संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने भागीरथपुरा त्रासदी पर भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा की घटना का दुख आज भी मन में है और वह सभी के लिए बेहद पीड़ादायक समय था, लेकिन सरकार ने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किए। उन्होंने कहा कि इंदौर में आगे बढ़ने की अद्भुत क्षमता है और यह देश के सबसे तेजी से विकसित होते शहरों में शामिल है। विकास के क्षेत्र में इंदौर पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुका है और हर जिला इसी तरह आगे बढ़ने की आकांक्षा रखता है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस हर संकट को राजनीतिक लाभ में बदलने की कोशिश कर रही है , जिसे इंदौर की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी, इंदौरवासी इसे बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में रचनात्मक आलोचना का स्वागत है, लेकिन संवेदनहीन राजनीति की एक सीमा होती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जल संसाधनों के विस्तार और मालवा क्षेत्र तक पानी पहुंचाने का सामर्थ्य भाजपा सरकार ने दिखाया है और उनके कार्यकाल में 56 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई। उन्होंने मध्य प्रदेश को नदियों की भूमि बताते हुए कहा कि इंदौर की असली ताकत यहां के नागरिकों का आत्मविश्वास और जज्बा है। इंदौर आत्मनिर्भर शहर है और इसका विकास बिना रुके निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
कैलाश विजयवर्गीय ने कही ये बात
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी भागीरथपुरा के जल संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उनके बचपन के समय शहर में नर्मदा को लाने को लेकर व्यापक आंदोलन चला था। उन्होंने बताया कि 1966 के अकाल के दौरान इंदौर की स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और उस समय केवल बिलावली तथा यशवंत सागर तालाब ही जल के सहारे थे। पानी की भारी कमी के चलते लोग शहर छोड़ने लगे थे। ऐसे हालात में नर्मदा जल को इंदौर तक लाने की मांग ने जनआंदोलन का रूप लिया, जिसे सफल बनाने में अपार संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसी कारण नर्मदा जल का मूल्य और महत्व समझना जरूरी है। आज इंदौर में उपलब्ध पानी एशिया के सबसे महंगे जल संसाधनों में गिना जाता है और यदि नर्मदा न आती, तो इंदौर का वर्तमान स्वरूप संभव नहीं होता।
केवल आरोप-प्रत्यारोप से नहीं निकलता समाधान
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मुश्किलें जीवन और शासन दोनों में आती रहती हैं, लेकिन उनसे निपटने के लिए दृढ़ संकल्प और सामूहिक सोच जरूरी होती है। केवल आरोप-प्रत्यारोप से समस्याओं का समाधान नहीं निकलता। भाजपा ने इंदौर के विकास के लिए क्या किया है, इसका आकलन शहर के नागरिक भली-भांति करते हैं। किसी एक घटना के आधार पर विपक्ष पूरे शहर की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है और सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मियों का भी अपमान कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि इंदौर देश में स्वच्छता और प्रगति का प्रतीक रहा है और आगे भी अपनी अग्रणी पहचान बनाए रखेगा।
विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ने के लिए तैयार
जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि हाल ही में इंदौर में एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसका सामना सभी ने मिलकर किया। उन्होंने कहा कि अब शहर मजबूती के साथ फिर से विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि हाल की एक घटना ने इंदौर की एक बस्ती को प्रभावित किया, जिससे हमें सीख मिली और बस्ती में हुई हानियों का दुख भी महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि अब इंदौर नई ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने को तैयार है और नर्मदा परियोजना के चौथे चरण का कार्य शहर के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने आपदा का राजनीतिक फायदा उठाने का प्रयास किया, जबकि विपक्ष ने शहर की उपलब्धियों और स्वच्छता को गलत ढंग से प्रस्तुत कर इंदौर की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचाया।










