उत्तराखंड में पिछले दो महीने से अधिक समय से चले आ रहे सूखे का दौर अब समाप्त होने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 16 से 20 जनवरी के बीच बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। इस खबर से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो सूखी ठंड, पाले और वनाग्नि की घटनाओं से परेशान थे।
नवंबर के बाद से बारिश न होने के कारण प्रदेश में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सभी जिलाधिकारियों से रिपोर्ट भी मांगी है। बारिश की कमी का सीधा असर पहाड़ों पर दिख रहा है, जहां सर्दियों में जंगल की आग की अप्रत्याशित घटनाएं सामने आ रही हैं।
मैदानी इलाकों में कोहरा
बारिश की कमी के कारण राज्य के मैदानी जिले घने कोहरे और भीषण शीतलहर की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं, पहाड़ी इलाकों में किसान पाले की मार झेल रहे हैं। अत्यधिक पाला गिरने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश न होने से सूखी ठंड पड़ रही है, जो स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।
IMD ने दी राहत की खबर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 से 20 जनवरी तक उत्तराखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग ने विशेष रूप से चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
इसके अलावा, 18 जनवरी तक 3,400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। 19 और 20 जनवरी को बर्फबारी का स्तर और नीचे आ सकता है और यह 3,200 मीटर की ऊंचाई वाले इलाकों को भी कवर कर सकता है। इस बारिश और बर्फबारी से राज्य को सूखे से तो राहत मिलेगी, लेकिन पूरे प्रदेश में ठंड बढ़ने का भी अनुमान है।











