MP Weather: मध्यप्रदेश में रात के समय कड़ाके की ठंड का असर कुछ कम हुआ है, लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है। शुक्रवार को राज्य के लगभग आधे क्षेत्रों में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा दर्ज किया गया। इस दौरान 15 शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। शनिवार सुबह भी उत्तरी जिलों में कोहरे का प्रभाव देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश में घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी, जिसके बाद ठंड का प्रकोप एक बार फिर तेज होगा।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, इस वर्ष दिसंबर माह के दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में वर्षा दर्ज नहीं की गई और मौसम पूरी तरह साफ रहा। भोपाल, इंदौर सहित कई जिलों में 15 से 16 दिनों तक कोल्ड वेव यानी शीतलहर का प्रभाव बना रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि जनवरी माह में भी इसी तरह की परिस्थितियाँ बनी रहेंगी।
नए साल के पहले दिन ग्वालियर में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल और इंदौर में भी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी माह में 15 से 20 दिनों तक शीतलहर का प्रभाव रह सकता है। कड़ाके की ठंड का दौर माह के दूसरे सप्ताह से शुरू होकर अंत तक बने रहने के आसार हैं।
भोपाल, इंदौर-ग्वालियर में ट्रेनें हुई लेट
गुरुवार–शुक्रवार की रात पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। वहीं, शुक्रवार सुबह घने कोहरे के कारण भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर रूट की कई ट्रेनें दो घंटे तक विलंब से चलीं। दिल्ली से आने वाली मालवा, शताब्दी, सचखंड सहित अन्य ट्रेनों की आवाजाही भी कोहरे से प्रभावित रही। खजुराहो में दृश्यता घटकर लगभग 50 मीटर रह गई। इसके अलावा भोपाल, दतिया, ग्वालियर, रतलाम, दमोह, रीवा, सागर, सतना, गुना, इंदौर, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, मलाजखंड, श्योपुर, नर्मदापुरम, सिवनी, नौगांव और मंडला में भी विजिबिलिटी काफी कम दर्ज की गई।
ठंड ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड
इस वर्ष मध्यप्रदेश में नवंबर और दिसंबर की सर्दी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर माह में बीते 84 वर्षों में सबसे अधिक ठंड दर्ज की गई, जबकि दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया। मौसम विभाग ने नवंबर–दिसंबर जैसी ही परिस्थितियाँ जनवरी में भी बने रहने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार, जनवरी में प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान शून्य के करीब या उससे नीचे जा सकता है। इस दौरान तेज ठंड के साथ घना कोहरा और शीतलहर चलने की भी आशंका है।









