इंदौर दूषित जल मामले में राहुल गाँधी की हुई एंट्री, मंत्री Kailash Vijayvargiya के बयान पर किया पलटवार, बोलें ये ‘फोकट’ सवाल नहीं…

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By Raj RathorePublished On: January 2, 2026
Kailash Vijayvargiya

Kailash Vijayvargiya : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी के कारण मचे कोहराम पर सियासत गरमा गई है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में जहरीला पानी पीने से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 300 से अधिक लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। इस गंभीर मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर सीधा हमला बोला है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन की कार्यशैली को ‘कुंभकर्णी नींद’ करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कोई मामूली या ‘फोकट’ का सवाल नहीं है, बल्कि जनता की जिंदगी से जुड़ा गंभीर मसला है।

राहुल गांधी का तीखा प्रहार

 

कांग्रेस नेता ने इस घटना को प्रशासनिक विफलता का नतीजा बताया है। उनका कहना है कि इंदौर में लोगों को पानी नहीं, बल्कि जहर बांटा गया। जब लोग बीमार हो रहे थे और जान गंवा रहे थे, तब प्रशासन सोता रहा। राहुल गांधी का यह बयान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें कथित तौर पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपशब्द का इस्तेमाल किया था।

बता दे कि इंदौर में दूषित पानी की वजह से अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों का फ्री में इलाज होगा इस बात की घोषणा खुद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की थी। उसके बाद भी कई मरीजों से पैसे मांगे जा रहे थे। इस विषय पर जब मंत्री जी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपशब्द का इस्तेमाल किया। कैलाश विजयवर्गीय के बयान से बवाल मच गया जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने बयान पर खेद भी प्रकट किया था।

15 लोगों की हुई मौत

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से दूषित जल आपूर्ति की शिकायतें मिल रही थीं। उसके बाद भी स्थानीय प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए इसकी वजह से गंदा पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए। उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायतों के बाद मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी। देखते ही देखते यह आंकड़ा 300 के पार पहुंच गया और 15 लोगों की मौत हो चुकी है।