भागीरथपुरा में दूषित पानी से 10 से अधिक लोगों की मौत के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इंदौर जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक सप्ताह का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की जा रही है और व्यापारियों को नियमों के पालन को लेकर जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावट के मामलों में सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में शहर के प्रमुख खान-पान केंद्र 56 दुकान पर सबसे पहले विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से जागरूकता अभियान
गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब का उपयोग किया गया। इस चलते-फिरते प्रयोगशाला के माध्यम से उपभोक्ताओं और दुकानदारों को खाद्य पदार्थों में मिलावट पहचानने के आसान घरेलू उपाय सिखाए गए। कार्यक्रम के दौरान मौके पर ही 30 विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूनों की त्वरित जांच भी की गई।
पुरे सप्ताह चलेगी सैंपलिंग
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर के अन्य क्षेत्रों के लिए भी कार्यक्रमों का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। ये सभी कार्यक्रम दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किए जाएंगे:
- 02 जनवरी: विजय नगर, द हब चौपाटी
- 04 जनवरी: बंगाली चौराहा
- 06 जनवरी: बिचौली हप्सी, जोडियेक मॉल
- 07 जनवरी: हातोद मुख्य बाजार
- 08 जनवरी: खुडैल मुख्य बाजार
- 09 जनवरी: बेटमा बस स्टैंड क्षेत्र
जनस्वास्थ्य सुरक्षा में प्रशासन की सक्रिय पहल
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन में जागरूकता बढ़ाना भी है। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से लोगों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। साथ ही व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की शुद्धता बनाए रखने और मिलावट की पहचान के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस सुविधा का अधिकतम उपयोग करें और जांच प्रक्रिया के प्रति जागरूक बनें।









