नववर्ष 2026 धार सहित पूरे पश्चिमी मध्यप्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आ रहा है। वर्षों से देखा जा रहा रेल कनेक्टिविटी का सपना अब हकीकत के बेहद करीब पहुंच गया है। इंदौर–दाहोद रेलवे लाइन परियोजना के प्रथम चरण में इंदौर से धार तक करीब 64 किलोमीटर लंबा रेल ट्रैक लगभग पूर्ण हो चुका है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक फरवरी में मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा इस रेलखंड का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण पूर्ण होने के बाद ट्रायल रन की प्रक्रिया शुरू होगी और मार्च 2026 तक ट्रेन संचालन शुरू होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। इस परियोजना के चालू होने से धार, झाबुआ और अलीराजपुर जैसे आदिवासी क्षेत्रों को पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।
मप्र-गुजरात को भी जोड़ेगा प्रोजेक्ट
इंदौर–दाहोद रेलवे लाइन की कुल लंबाई 204 किलोमीटर है, जो मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित करेगी। इस परियोजना के तहत इंदौर–टीही (21 किमी) और दाहोद–कटवारा (11 किमी) खंडों पर सीआरएस निरीक्षण पहले ही संपन्न हो चुका है। रेलवे के अनुसार इंदौर–धार रेलखंड मार्च 2026 तक और धार–अमझेरा खंड दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। रेल कनेक्टिविटी शुरू होने से आदिवासी क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं माल परिवहन सुगम होने से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और समग्र क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
जनवरी तक फिनिशिंग कार्य पूरा करने का लक्ष्य
इंदौर से धार के बीच प्रस्तावित 64 किलोमीटर रेलखंड में से लगभग 56 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष 8 किलोमीटर पर भी तेज़ी से काम जारी है। इस खंड का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा टीही सुरंग है, जहां फिनिशिंग कार्य के साथ-साथ पटरी बिछाने की प्रक्रिया चल रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जनवरी तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिसके बाद सीआरएस निरीक्षण और ट्रायल रन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।









